नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट करने के मामले में आम आदमी पार्टी के दो विधायक प्रकाश जरवाल और अमानतुल्ला खान तिहाड़ की मंडोली जेल में बंद हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों विधायकों को जेल नंबर-13 के मुलाहजा वॉर्ड की एक बैरक में रखा गया है. बताया जाता है कि इस बैरक में 40 अन्य कैदियों को भी रखा गया है. कैदियों पर चोरी, हत्या, लूट जैसे आपराधिक मामले दर्ज है. बता दें कि इस वॉर्ड में उन कैदियों को रखा जाता है, जिन्हें किसी भी तरह के अपराध के आरोप में पहली बार जेल में बंद किया जाता है. ये सभी 40 कैदी विचाराधीन हैं.Also Read - दिल्ली के करोलबाग से आप विधायक कोरोना पॉजिटिव, राहत कार्य में सक्रिय रूप से थे शामिल

जेल की प्रार्थना में शामिल होते हैं आप के दोनों विधायक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विधायक प्रकाश जरवाल और अमानतुल्ला को शुरू में जेल के रूटीन में खुद को ढालने में थोड़ी परेशानी हो रही थी, लेकिन अब दोनों ने जेल के नियमों का पालन करना शुरू कर दिया है. बताया जाता है कि आम आदमी पार्टी के दोनों विधायक ज्यादातर समय कैरम खेलकर बिताते हैं. दोनों सुबह-सुबह बाकी कैदियों के साथ जल्दी उठ जाते हैं और फिर जेल की प्रार्थना में शामिल होते हैं. उसके बाद दोनों कैरम खेलने लग जाते हैं. हालांकि इन विधायकों के बैरक में अखबार और मैगजीन भी भेजे जाते हैं. Also Read - Delhi Assembly Election 2020: टिकट न मिलने पर पार्टी छोड़ने लगे आप विधायक

सीसीटीवी से होती है निगरानी
बता दें कि जेल प्रशासन दिल्ली के विधायकों की गतिविधियों पर खासा ध्यान रख रहा है. यह भी देखा जा रहा है कि जेल के बाकी कैदी किसी कारण से इन पर हमला न कर दें. सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी इन पर बारीकी से नजर रखी जा रही है. दोनों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है. समय-समय पर बीपी चेक किया जाता है. अभी तक तो दोनों में से किसी को भी मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत नहीं पड़ी है. दोनों विधायक बाकी कैदियों की तरह ही सारे नियमों का पालन कर रहे हैं. वह लंगर में बैठ कर खा रहे हैं. उन्होंने खाने को लेकर भी अभी तक कोई शिकायत नहीं की है. प्रशासन के सामने किसी भी तरह की मांग भी नहीं रखी है. बता दें कि प्रकाश जरवाल को कैदी नंबर 643 मिला है, जबकि अमानतुल्ला को 644 कैदी नंबर की बनाया गया है. Also Read - केजरीवाल को बड़ी राहत, राष्ट्रपति ने आप के 27 विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका खारिज की