नई दिल्ली। भारत सरकार ने 29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना की ओर से अंजाम दिए गए सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो जारी कर उस समय की यादें ताजा कर दी हैं. आज से 636 दिन पहले भारतीय सेना ने पीओके में सफल सैनिक कार्रवाई को अंजाम दिया था. इसके अगले ही दिन सेना ने बकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी भी दी थी. खास बात ये थी कि इसमें कोई भी भारतीय सैनिक हताहत नहीं हुआ था. आतंकियों के चार कैंप तबाह कर भारतीय सैनिक वापस लौट आए थे.

सेना ने किया था खुलासा

सेना के अधिकारी DGMO ले. जनरल रनवीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा करते हुए कहा था कि भारतीय सेना ने आतंकियों के खिलाफ सफल सर्जिकल ऑपरेशन को अंजाम दिया है. उन्होंने बताया कि किस तरह सैनिकों ने इसे सफल अंजाम दिया था. करीब 150 जवानों ने इसमें हिस्सा लिया था. 28-29 सितंबर की रात को सेना के जवानों ने पीओके में आतंकी कैंपों पर धावा बोला था. वो अमावस की रात थी. अत्याधुनिक हथियारों और साजों सामान से लैस जवानों ने पीओके में प्रवेश कर आतंकियों पर हमला किया. उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला. हमले में रॉकेट लॉन्चर, मशीनगन सहित अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल हुआ.

पाकिस्तानी सेना को नहीं मिली भनक

पाकिस्तानी सेना को इस ऑपरेशन की भनक तक नहीं मिली. जब तक उसे पता चलता भारतीय सेना काम को अंजाम दे चुकी थी. हालांकि कितने आतंकी मारे गए इसकी सही संख्या पता नहीं चल सकी. ये खबर हर किसी के लिए चौंकाने वाली थी. उड़ी आर्मी कैंप पर आतंकियों के हमले के 10 दिन बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया था. इतने बड़े पैमाने पर पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया था. हर तरफ सेना के जवानों के पराक्रम की तारीफ हो रही थी. सरकार के बोल्ड फैसले को भी सराह गया.

Exclusive: हमले के 636 दिन बाद सामने आया सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो

नकारता रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान इस हमले को बार बार नकारता रहा लेकिन उसकी तरफ से ऐसे भी बयान आए जिनसे साबित हुआ कि उसे गहरी चोट लगी है. आतंकी हाफिज सईद ने भी भारत को नतीजा भुगतने की धमकी दी. पाकिस्तानी सेना भी इसे नकारती रही और उसने कहा कि ऐसी किसी हिमाकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.

खूब हुई राजनीति

लेकिन कल जारी वीडियो से साफ हो गया कि भारतीय सेना ने किस बहादुरी के साथ सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था. उसका एक भी जवान इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन में घायल नहीं हुआ. सभी जवान सही सलामत पीओके से वापस लौट आए. हालांकि, भारत में इसे लेकर भारी राजनीति होती रही. राहुल गांधी से लेकर अरविंद केजरीवाल ने इस पर सवाल उठाए. संजय निरुपम जैसे नेता ने भाषा की मर्यादा भी खो दी. बाकी पार्टियों ने भी सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगा और इस पर सवाल उठाए.