नई दिल्ली: साहित्य अकादमी में रविवार को महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के मीडिया अध्ययन विभाग के डीन एवं विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार भगत द्वारा संपादित आपातकाल विषयक तीन पुस्तकों का लोकार्पण किया गया. ये पुस्तकें हैं- ‘आपातकाल के काव्यकार’, ‘आपातकाल के संस्मरण’ और ‘डॉ. देवेन्द्र दीपक का आपातकालीन साहित्य: दृष्टि और मूल्यांकन’. आर्यावर्त साहित्य-संस्कृति-संस्थान, नई दिल्ली द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख प्रो. अनिरुद्ध देशपांडे, गुजरात के पूर्व राज्यपाल प्रो. ओमप्रकाश कोहली, मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी, भोपाल के पूर्व निदेशक डॉ. देवेन्द्र दीपक, महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा ने पुस्तकों का लोकार्पण किया.

इस मौके पर प्रो. अरुण कुमार भगत ने कहा कि अपनों के बीच आपातकाल पर तीन सम्पादित पुस्तकों का विमोचन हुआ है. इस विषय पर करीब 24 वर्षों के कार्य कर रहा हूँ. आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काले अध्याय के रूप में देखा जा रहा है. उस दौर में एक लाख चौबीस हजार लोग गिरफ्तार हुए थे. केवल 19 महीने के उस कालखंड में भारतीय साहित्यकारों ने अपनी रचना से साहित्य को समृद्ध किया. वामपंथ और कांग्रेस के गठबंधन ने आपातकाल विषय पर विश्वविद्यालयों में शोध नहीं होने दिया और इस कारण अकादमिक कार्य नहीं हुए. अत्याचार पर सत्याचार के विजय के प्रतीक के रूप में हर वर्ष दशहरा मनाते हैं, उसी तरह आपातकाल को हर वर्ष याद किया जाना आवश्यक है. मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी के पूर्व निदेशक और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. देवेन्द्र दीपक ने कहा कि आज के युग में साहित्य प्रेमी हैं और राष्ट्र के बारे में विचार करते हैं. आपातकाल पर बहुत लिखा गया लेकिन बहुत कुछ सामने नहीं आया. अभी तक संस्थान उनके हाथ में था जो आपातकाल के समर्थक थे.

गुजरात के पूर्व राज्यपाल ने साझा किया आपातकाल का अनुभव
गुजरात के पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. ओमप्रकाश कोहली ने आपातकाल के अनुभव को साझा किया. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख प्रो. अनिरुद्ध देशपांडे ने कहा कि सत्ता के प्रेमी ने आपातकाल का समर्थन किया. अभी तक किसी भी कोर्स में आपातकाल विषय नहीं लाया गया है. छात्रों को आपातकाल के बारे में पढ़ाना चाहिए. महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के कुलपति संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि गौरव की बात है कि विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर अरुण कुमार भगत की पुस्तकों का लोकार्पण हुआ है. इस दौरान दर्शन पाण्डेय ने सभी अतिथियों का स्वागत भाषण दिया. मंच संचालन डॉ. अशोक कुमार ज्योति ने किया. कार्यक्रम में साहित्यकार डॉ. रामशरण गौड़, डॉ. वेद व्यथित, डॉ. मालती, विनोद बब्बर, हर्षवर्धन, डॉ. सारिका कालरा, डॉ. अशोक कुमार ज्योति, आशीष कंधवे, संजीव सिन्हा, गुंजन अग्रवाल, डॉ. लहरी राम मीना को सम्मानित किया गया.