हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के बाहरी इलाके में एक वेटनरी डॉक्‍टर से बलात्कार और हत्या की घटना में उसके लापता होने के संबंध में एफआईआर दर्ज करने में देरी के मामले में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. जांच के बाद उप-निरीक्षक और दो कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया गया है. बता दें कि परिवार के सदस्यों ने यह भी कहा कि पुलिस ने आरोप लगाया कि वह (पशु चिकित्सक) किसी के साथ भाग गई है.

साइबराबाद पुलिस आयुक्त वी सी सज्जनर ने बताया कि परिवार द्वारा पुलिस पर लगाए आरोपों की जांच करने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है.

परिवार ने अपनी शिकायत में कहा था कि पुलिस ने न्यायिक कारणों का हवाला देते हुए महिला के लापता होने पर समय रहते कार्रवाई नहीं की थी. उन्होंने बताया कि संपूर्ण जांच की गई, जिसके बाद उप-निरीक्षक और दो कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया गया.

पुलिस आयुक्त ने बताया कि सभी पुलिस अधिकारियों को एक बार फिर निर्देश दिया गया है कि संज्ञेय अपराध से संबंधित शिकायत पुलिस थाने में आने पर तुरंत मामला दर्ज किया जाए, भले ही मामला उनके क्षेत्राधिकार का हो या नहीं.

बता दें सरकारी अस्पताल में काम करने वाली पशु चिकित्सक से गुरुवार रात शहर के बाहरी इलाके में चार लोगों ने बलात्कार करके उसकी हत्या कर दी थी. बाद में 25 वर्षीय इस महिला का झुलसा हुआ शव बरामद हुआ था. मामले के चार आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया था.

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्याममला कुंदर घटना की जांच के लिए यहां पहुंची. उन्होंने जांच के बाद उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी, जो मृतका के परिवार की शिकायत पर समय पर हरकत में नहीं आए थे.

आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने नई दिल्ली में बताया था कि आयोग की एक टीम मृतका के परिवार के पास गई, जिसने टीम को बताया कि पुलिस ने मामले में नकारात्मक भूमिका निभाई. परिवार के सदस्यों ने यह भी कहा कि पुलिस ने आरोप लगाया कि वह (पशु चिकित्सक) किसी के साथ भाग गई है.