नई दिल्ली, 27 नवंबर| उत्तरी दिल्ली के मजनू का टीला में स्थित पाकिस्तानी हिंदू प्रवासियों के अस्थायी शिविर में रविवार को लगी आग में कम से कम 30 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। दमकल विभाग के अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “शिविर में आग अपराह्न् लगभग दो बजे लगी और आग पर काबू पाने के लिए सात गाड़ियां भेजी गईं।” Also Read - Delhi: राष्‍ट्रीय राजधानी में चलती बस में महिला कॉन्‍स्‍टेबल से छेड़छाड़, विरोध करने पर आरोपी ने किया हमला

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अधिकारी ने कहा, “कई झोपड़ियां आग की चपेट में आ गईं। आग पर अपराह्न् 2.30 बजे तक काबू पाया जा सका। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।” प्रवासियों के अनुसार, एक परिवार खाना बनाने की तैयारी कर रहा था, तभी लकड़ी की आग फैल गई। अपना पासपोर्ट और वीजा बचाने में सफल रहे पवन दास ने बताया कि 120 से अधिक पीड़ितों के राशन, कपड़े, ऊनी कपड़े, दस्तावेज और पैसे जलकर राख हो गए हैं। यह भी पढ़ेंः पुलिस की वर्दी में जेल पहुंचे और खालिस्तानी सरगना सहित छह कैदियों को भगाया Also Read - UP पुलिस ने पूर्व एमपी धनंजय सिंह की तलाश में लखनऊ से दिल्ली तक छापे मारे

पवन दास ने आईएएनएस को बताया, “मेरे पास वही कपड़े बचे हैं, जो मैंने पहन रखे हैं। सौभाग्य से मैं अपने वीजा दस्तावेज और पासपोर्ट बचाने में कामयाब रहा। बाकी सबकुछ नष्ट हो गया है।” एक अन्य प्रवासी मंगन ने कहा, “आग अचानक लगी और हम सब बच्चों को बचाने में कामयाब रहे। हमें नकदी और दस्तावेजों को बचाने का समय नहीं मिला। हम नहीं जानते कि रात को हम क्या खाएंगे या कहां जाएंगे।”

उल्लेखनीय है कि कम से कम 1,000 लोगों में ज्यादातर पाकिस्तान के सिंध प्रांत से 30 से अधिक परिवार हैं, जो अस्थाई शिविर में रह रहे थे। प्रवासियों का पहला बैच वर्ष 2011 में और पिछले साल दिसंबर में आया था।