नई दिल्ली: आर्मी चीफ बिपिन रावत ने कहा कि सेना ने चीन और पाकिस्तान से लगी सीमाओं पर स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला है और चिंता की कोई बात नहीं है. आर्मी चीफ रावत ने गुरुवार को अपनी सालाना प्रेस कॉन्फेंस में यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर में स्थिति को और सुधारने की जरूरत है. जनरल रावत ने कहा कि एलओसी पर लगभग 300 आतंकवादी इंतजार भारत में घुसपैठ करने का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा, जम्मू कश्मीर में शांति के लिए हम केवल समन्वयक हैं. जनरल रावत ने कहा, ”हमने उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर स्थिति बेहतर तरीके से संभाली है.” उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है.

हुर्रियत के साथ वार्ता पर सेना प्रमुख रावत ने कहा, हमारी स्थिति बहुत स्पष्ट है कि बंदूक को बंद करें और पश्चिमी पड़ोसी से समर्थन लेना बंद करें. वार्ता तभी हो सकती है, जब वे हिंसा से दूर रहें.

अफगानिस्तान में तालिबान से अमेरिका और रूस की बातचीत पर जनरल रावत ने कहा, अफगानिस्तान में हमारे हित हैं. हम इससे अलग नहीं हो सकते. उन्होंने कहा, यही स्थिति जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं की जा सकती. राज्य में हमारी शर्तों पर ही बातचीत होगी. थल सेना प्रमुख ने कहा कि बातचीत और आतंक एक साथ नहीं चल सकता, यह जम्मू कश्मीर पर भी लागू होता है.

सेना प्रमुख जनरल रावत कहा कि मैंने देखा है कि हमारे कुछ वेटरनस में एक तरह की असमानता है. मुझे लगता है कि उन्हें एकजुट होने की जरूरत है. हमारे वेटरन का बहुत मजबूत समुदाय है, जिन्हें मुख्यधारा का समर्थन करना आवश्यक है, वे ऐसा कर सकते हैं कि अगर वे एकजुट हों और एकजुट रहें.