नई दिल्ली: राजधानी में जीएसटी काउंसिल की 31वीं बैठक चल रही है. इस बैठक में कई उत्पादों पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जा सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा था कि 1,200 से अधिक वस्तुओं और सेवाओं में से 99 प्रतिशत पर 18 प्रतिशत या उससे कम जीएसटी लगेगा. पीए मोदी ने कहा था जीएसटी से पहले पंजीकृत उद्योगों की संख्या 65 लाख थी, जिसमें अब 55 लाख की बढ़ोतरी हुई है. आज जीएसटी प्रणाली काफी हद तक स्थापित हो चुकी है और हम एक ऐसी प्रणाली की दिशा में काम कर रहे हैं, जहां 99 फीसदी वस्तुओं को 18 फीसदी के कम के स्लैब में लाया जा सकता है. Also Read - जीएसटी परिषद: राज्यों को क्षतिपूर्ति मामले पर नहीं बन पाई आम सहमति, 12 को फिर होगी बैठक

एक अधिकारी का कहना था कि वाहन टायरों पर 28 प्रतिशत जीएसटी से आम आदमी प्रभावित हो रहा है. जीएसटी परिषद की बैठक में मुख्य ध्यान आम आदमी पर जीएसटी का बोझ कम है. फिलहाल 28 प्रतिशत के ऊंचे कर स्लैब में 34 वस्तुएं हैं. इनमें वाहन टायर, डिजिटल कैमरा, एयर कंडीशनर, डिश वॉशिंग मशीन, सेट टॉपबॉक्स, मॉनिटर और प्रोजेक्टर के अलावा कुछ निर्माण उत्पाद मसलन सीमेंट शामिल हैं. Also Read - आर्थिक संकट के बीच अनअकैडमी बना IPL का आधिकारिक पार्टनर

सीमेंट पर कर की दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने से सरकार पर करीब 20,000 करोड़ रुपये का सालाना बोझ पड़ेगा, इसके बावजूद परिषद यह कदम उठा सकती है. जो उत्पाद 28 प्रतिशत कर स्लैब में कायम रखे जाएंगे उनमें शीतल पेय, सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू उत्पाद, पान मसाला, धूम्रपान पाइप, वाहन, विमान, याट, रिवाल्वर और पिस्तौल और गैंबलिंग लॉटरी शामिल हैं. जीएसटी के पांच कर स्लैब शून्य, 8, 12, 18 और 28 प्रतिशत है.