नई दिल्ली: देश में एक तरफ कोरोना का संकट है वहीं दूसरी तरफ देश सेवा के लिए भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग परेड के बाद तीन सौ अधिक जाबाज भारतीय सेना में शामिल हो गए. उत्तराखंड में आज सुबह आईएमए की पासिंग परेड हुई. इस परेड के बाद भारतीय सेना में 333 अधिकारी शामिल हुए. आईएमए की पासिंग परेड के दौरान दर्शक दीर्घा पूरी तरह से खाली रही क्योंकि कोरोना के कारण किसी को परेड़ देखने की अनुमति नहीं दी गई. Also Read - माता वैष्णों देवी मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले, लेकिन कुछ नियमों का करना होगा पालन

सेना प्रमुख जनरल एम. एम नरवणे ने पासिंग परेड का निरीक्षण किया. आपको बता दें कि आईएमए देहरादून देश के लिए पिछले 88 सालों से शूरवीर तैयार कर रहा लेकिन यह पहली बार था जब पासिंग परेड की केवल रस्म अदा हुई है. कोविड 19 संक्रमण के कारण इस बार परेड का आयोजन बेदर साधारण तरीके से किया गया. Also Read - बोर्डिंग स्‍कूल में छात्रा से गैंगरेप का केस: आरोपी छात्र को 20 साल की जेल, प्रबंधन के सदस्‍यों को भी सजा

आईएमए की पासिंग परेड में कुल 423 लोग पास हुए. इनमें 333 लोग भारतीय सेना में अधिकारी के पद पर तैनात किए जाएंगे जबकि 90 अन्य लोग विदेशी कैडेट में शामिल होंगे. थलसेना अध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवाने की मौजूदगी में पास होने वाले लोगों को भारतीय सेना में शामिल होने की शपथ दिलाई जाएगी.

पासिंग परेड में सबसे ज्यादा 66 कैडेट उत्तर प्रदेश से पास आउट हुए वहीं उत्तराखंड से 32 कैडेट पास हुए. उत्तराखंड के साथ बिहार 31 कैडेट के साथ संयुक्त स्थान पर रहा. हरियाणा से 39 कैडेट पास हुए और वह रैंकिंग स्तर पर दूसरे स्थान पर रहा.