नई दिल्‍ली: महाराष्ट्र के नांदेड़ में फंसे श्री हजूर साहिब से तीर्थयात्री पंजाब में बुधवार को वापस लौट आए. नांदेड़ से अब तक लगभग 3613 तीर्थयात्री राज्य में लौटकर पंजाब आ चुके हैं. इनमें से बठिंडा पहुंचे दो तीर्थयात्री कोरोना वायरस से संक्रमित निकले हैं. Also Read - Unlock 1.0: राज्यों ने लॉकडाउन में और अधिक छूट देते हुए अलग-अलग दिशानिर्देश जारी किए; आज से चलेंगी 200 विशेष ट्रेनें

बठिंडा के डीसी बठिंडा ने कहा, “2 तीर्थयात्री, जो बठिंडा लौटे हैं, उनका COVID19 के लिए सकारात्मक परीक्षण हुआ है”. Also Read - लॉकडाउन बढ़ने की बात सुन महिला ने खाया ज़हर, ससुराल से मायके न जा पाने से थी परेशान

बता दें कि बीते सोमवार को नांदेड़ से पंजाब लौटे आठ तीर्थयात्रियों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई थी. इसके बाद इन तीर्थयात्र‍ियों के लौटने के बाद कोरोना संक्रमण के फैलने का भय बढ़ गया था. Also Read - Lockdown 5.0: महाराष्ट्र सरकार ने लॉकडाउन 30 जून तक बढ़ाया, पूरे राज्य में बंद रहेंगे धार्मिक स्थल, शॉपिंग मॉल

दअरसल, नांदेड़ में गुरुद्वारा हजूर साहिब में मत्था टेकने गए पंजाब के लगभग 4,000 तीर्थयात्री कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण वहां फंसे हुए थे. केंद्रीय गृह मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद अब उन्हें वापस लाया जा रहा है.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार महाराष्ट्र के नांदेड़ से लौटने वाले सभी तीर्थयात्रियों, राजस्थान से आने वाले छात्रों और मजदूरों को सीमा पर रोका जाएगा और सरकारी पृथकवास केंद्रों में 21 दिन के लिए भेजा जाएगा.

बता दें कि नांदेड़ से पंजाब आने वाले आठ तीर्थयात्रियों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के एक दिन बाद मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्य में लौटने वाले सभी लोगों के लिए 21 दिन का पृथक-वास अनिवार्य होगा. सीएम सिंह ने कहा था कि पिछले तीन दिनों में वापस आए लोगों के लिए राधा स्वामी सत्संग डेरा का उपयोग पृथक-वास केंद्र के रूप में किया जाएगा.

बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कांग्रेस विधायकों के साथ राज्य में चल रहे खरीद कार्यों के साथ-साथ कोविड​​-19 और लॉकडाउन की स्थिति पर चर्चा करते हुए यह घोषणा की थी. मुख्‍यमंत्री ने कहा था कि प्रवासी भारतीयों और तबलीगी जमात के बाद नांदेड़ में गुरुद्वारा हजूर साहिब से वापस आ रहे श्रद्धालुओं का समूह वर्तमान में बड़ा खतरा हो सकता है. एक और बड़े ‘जत्थे’ (लोगों का समूह) के बुधवार को पंजाब लौटने की उम्मीद है और राज्य सरकार की योजना है कि उन्हें राधा स्वामी डेरे में पृथकवास में रखा जाएगा.