नई दिल्ली: बुनियादी ढांचा क्षेत्र की डेढ़ सौ करोड़ रुपये से अधिक की करीब 363 परियोजनाओं की लागत में 3.42 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है. देरी और अन्य कारणों से इन परियोजनाओं की लागत बढ़ी है. एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय 150 करोड़ रुपये और उससे अधिक की ढांचागत परियोजनाओं की निगरानी करता है.

मंत्रालय की अक्टूबर, 2018 के लिए जारी रिपोर्ट में कहा गया है, 1,452 परियोजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक लागत 18,27,757.29 करोड़ रुपये थी, जिनकी पूरी होने की अनुमानित लागत अब 21,70,036.32 करोड़ रुपये हो गयी है. यह वास्तिवक लागत अनुमान से 18.73% यानी 3,42,279.03 करोड़ रुपये अधिक है. इन 1,452 परियोजनाओं में से 363 में लागत बढ़ गयी, जबकि 375 की समयसीमा में वृद्धि हो गयी.

वहीं केंद्र ने वित्त वर्ष 2019-20 के अंतरिम बजट में स्टार्टअप इंडिया के लिए आवंटन घटा दिया है लेकिन ‘मेक इन इंडिया’ के लिए आवंटन में वृद्धि की गयी है. बजट दस्तावेजों के मुताबिक स्टार्टअप इंडिया के लिए 2019-20 के बजट में 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो 2018-19 के संशोधित अनुमान में 28 करोड़ रुपये था.स्टार्टअप इंडिया योजना का लक्ष्य नये उद्यमियों की प्रगति में सहायक माहौल तैयार करने के लिए उद्यमिता और नवोन्मेष को बढ़ावा देना है.

वित्त वर्ष 2019-20 के लिए मेक इन इंडिया के आवंटन को बढ़ाकर कुल 473.3 करोड़ रुपये का कर दिया गया है. वहीं 2018-19 की संशोधित अनुमान में यह आवंटन 149 करोड़ रुपये था. मेक इन इंडिया योजना की शुरुआत 25 सितंबर, 2014 को हुई थी.