मुंबई: महाराष्‍ट्र में विधानसभा चुनाव के ठीक पहले दल बदलने वाले नेताओं की संख्‍या बढ़ रही है. महाराष्ट्र में भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बीच विपक्ष के चार विधायकों ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया. कांग्रेस के विधायक कालिदास कोलाम्बकर और एनसीपी के विधायक शिवेन्द्र सिंह भोसले, वैभव पिचाड और संदीप नाइक ने अपने इस्तीफे दक्षिण मुंबई में स्थित विधान भवन में स्पीकर हरिभाऊ बागड़े को सौंपे. बागड़े को ये इस्तीफे अलग अलग सौंपे गए. सूत्रों ने बताया कि यह चारों विधायक बुधवार को भाजपा में शामिल हो सकते हैं.Also Read - मुंबई: कुर्ला में आवासीय इमारत ढही, मृतकों की संख्या बढ़कर 19 हुई, पीएम ने दुख जताया

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कोलाम्बकर मुंबई से सात बार विधायक रह चुके हैं. शिवेन्द्र सिंह भोसले ने 2014 में सतारा विधानसभा सीट से चुनाव 47,813 मतों से जीता था. सूत्रों ने बताया कि चारों विधायक बुधवार को भाजपा में शामिल हो सकते हैं. महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. Also Read - Udaipur Tailor Kanhaiya Murder: NIA करेगी टेलर कन्हैया तेली के मर्डर की जांच, हत्या के बाद प्रदेशभर में तनाव

शिवेंद्र सिंहराजे भोसले (सतारा), वैभव पिचड़ (अकोले) और संदीप नाईक (ऐरौली) तथा कांग्रेस के विधायक कालिदास कोलम्बकर (नयगांव) ने अपने इस्तीफे दक्षिण मुंबई स्थित विधान भवन में स्पीकर हरिभाऊ बागड़े को सौंपे। बागड़े को ये इस्तीफे अलग-अलग सौंपे गए.

भोसले ने कहा, मुझे अपने विधानसभा क्षेत्र के हित की रक्षा में ज्यादा दिलचस्पी है. वैभव पिचड़ अहमदनगर जिले के अकोले तहसील के रहने वाले हैं और एनसीपी के पूर्व मंत्री मधुकर पिचड़ के बेटे हैं. कोलम्बकर मुंबई से सात बार विधायक चुने जा चुके हैं.

बीजेपी का लक्ष्‍य 288 सीटों में 220 पर जीत दर्ज करना
महाराष्ट्र भाजपा के नेता कहते रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी का लक्ष्य राज्य की कुल 288 विधानसभा सीटों में 220 पर जीत दर्ज करना है. एनसीपी की मुंबई इकाई के प्रमुख सचिन अहीर ने शिवसेना में शामिल होने के लिए हाल में पार्टी छोड़ दी थी, जबकि एनसीपी नेता जयदत्त क्षीरसागर मई में शिवसेना में शामिल हुए.

फड़णवीस ने एनसीपी प्रमुख को दी थी आत्‍मनिरीक्षण की सलाह
बता दें कि बीती 28 जुलाई को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार के के इस दावा कि भाजपा के नेता अन्य दलों के सदस्यों को अपने पाले में करने में जुटे हैं, को लेकर बीते रविवार को पलटवार किया था. फड़णवीस ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस प्रमुख पवार को इस बात को लेकर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि क्यों लोग उनकी पार्टी को छोड़ रहे हैं. बता दें कि पवार ने पुणे में कहा था कि फड़णवीस और उनके मंत्री विधानसभा चुनाव से पहले जांच एजेंसियों और सरकारी वित्तीय बोर्डों का दुरूपयोग कर विपक्षी नेताओं को अपने पाले में करने में लगे हुए हैं. फड़णवीस ने दावा किया कि भाजपा किसी के पीछे नहीं भागती, क्योंकि भारत के लोग पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के साथ हैं.

राकांपा के ढेर सारे नेता भाजपा में शामिल होने को तैयार
पवार के बयान पर एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री फड़णवीस कहा था, शरद पवार को इस बात को लेकर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि क्यों उनके लोग राकांपा में बने रहने के लिए तैयार नहीं हैं. उन्होंने कहा था, भाजपा का रुख बिल्कुल स्पष्ट है. कांग्रेस और राकांपा के ढेर सारे नेता भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार हैं. लेकिन बहुत कम को शामिल होने की इजाजत मिलेगी. जिन पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामले चल रहे हैं उन्हे पार्टी में नहीं लिया जाएगा. हमें ऐसे लोगों की जरूरत नहीं है.

भाजपा को किसी पर दबाव डालने की जरूरत नहीं
फड़णवीस ने कहा कि भाजपा को किसी को जुड़ने के लिए उस पर दबाव डालने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, हम किसी के पीछे नहीं भागते. अब लोग भाजपा के पीछे भागते हैं। हम उन लोगों का ख्याल करते हैं जो अच्छे हैं और लोगों के लिए काम करते हैं. उन्होंने दावा था किया कि वह राकांपा प्रमुख को याद दिलाना चाहते हैं कि उनकी पार्टी के नेताओं की कई चीनी फैक्ट्रियों की सरकार एवं राज्य के बैंकों ने तब मदद की जब वे मुश्किल में थे. हालांकि हमने उनसे कभी भाजपा में शामिल होने के लिए नहीं कहा. उन्हें आत्मनिरीक्षण करना चाहिए.