उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के 33 जनपदों के 27 हजार गांवों के 40 लाख महिलाओं को इंटरनेट साथी कार्यक्रम के तहत मार्च, 2017 तक प्रशिक्षित कराया जाए। इसके लिए 7300 स्थानीय महिलाओं को ‘इंटरनेट साथी’ चुनकर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा और वे अपने आस-पास के गांवों की महिलाओं को प्रशिक्षित करेंगी।

इंटरनेट साथी कार्यक्रम के दायरे में इन जनपदों को रख गया है- आगरा, अलीगढ़, इलाहाबाद, आजमगढ़, बहराइच, बाराबंकी, बस्ती, बुलन्दशहर, फैजाबाद, फतेहपुर, गोरखपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, प्रतापगढ़, रायबरेली, सुल्तानपुर, वाराणसी, देवरिया, कुशीनगर, मऊ, बलिया, महराजगंज, संतकबीरनगर, जौनपुर, कानपुर नगर, कौशाम्बी, मैनपुरी, मिर्जापुर, संतरविदास नगर, सीतापुर, सोनभद्र, सिद्धार्थनगर एवं उन्नाव।

प्रशिक्षण के बाद चयनित इंटरनेट साथी महिलाओं को डिजिटल रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा प्रदेश के अन्य 7 जनपदों- बलरामपुर, चंदौली, गाजियाबाद, गाजीपुर, महोबा, शामली, श्रावस्ती में भी 4 हजार 500 गांवों में 6 लाख महिलाओं को प्रशिक्षित कराने के लिए जनवरी, 2017 से प्रशिक्षण शुरू कराकर जून, 2017 तक प्रशिक्षित करा दिया जाए। प्रशिक्षण कार्यक्रम टाटा ट्रस्ट एवं गूगल इंडिया के संयुक्त सहयोग से शुरू किया जा रहा है।

मुख्य सचिव मंगलवार को अपने कार्यालय में जनोपयोगी विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में निष्पादित एमओयू टाटा ट्रस्ट से संबंधित गठित राज्यस्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि टाटा ट्रस्ट स्वच्छ मिशन के अंतर्गत पूर्वी यूपी के जनपद बहराइच, महराजगंज, बलरामपुर आदि में पेयजल की गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए जल की शुद्धता की जांच एवं उससे संबंधित उपचार के अभिनव प्रयास कराए जाएं। यह भी पढ़ें: तीन गुना तक बढ़ सकता है राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का वेतन

राहुल भटनागर ने कहा कि योजना के तहत प्रदेश के 6 जनपदों- बहराइच, श्रावस्ती, फैजाबाद, इलाहाबाद, लखनऊ, गाजियाबाद के निर्बल वर्ग के श्रमिकों एवं भट्टों पर कार्य करने वाले व्यक्तियों को शासकीय श्रमिक योजनाओं से लाभान्वित कराने के लिए उन्हें स्वरोजगार उपलब्ध कराने के कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कैंसर रोग से प्रभावित लोगों का नि:शुल्क स्क्रीनिंग कराकर जरूरत के मुताबिक उपचार के लिए संबंधित अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

भटनागर ने कहा कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पायलट के रूप में जनपद बहराइच के 20 विद्यालयों में कक्षा 5 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क तकनीकी शिक्षा दिसंबर माह से उपलब्ध करा दी जाए। उन्होंने कहा कि कक्षा 2 से 4 तक अध्ययनरत लगभग 12 हजार छात्रों को भाषा एवं गणित विषयों में सुधार के लिए शिक्षकों के साथ सामंजस्य स्थापित कर विभिन्न प्रकार की एकेडमिक गतिविधियां यथाशीघ्र आयोजित कराई जाएंगी। योजना के तहत 3 से 6 वर्ष तक के आयु के लगभग 3 हजार बच्चों को स्कूल की तैयारी के लिए प्रारंभिक शैक्षिक गतिविधियों की तैयारी कराई जाए।

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त प्रदीप भटनागर, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अरुण कुमार सिन्हा, प्रमुख सचिव कृषि रजनीश गुप्ता, प्रमुख सचिव उद्यान एवं प्रसंस्करण महेश कुमार गुप्ता, सचिव मुख्यमंत्री पार्थ सारथी सेन शर्मा, टाटा ट्रस्ट के कार्यक्रम प्रमुख अभय गन्धे, रीजनल हेड डॉ. अमिता जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।