शिलांग: मेघालय के शिलांग में रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात कर्फ्यू में छूट के दौरान 400 प्रदर्शनकारियों ने सीआरपीएफ कैंप पर पत्थरबाजी की. ये कर्फ्यू बीते गुरुवार की रात दो गुटों के बीच भड़की हिंसा के बाद लगाया गया था. आईजी सीआरपीएफ प्रकाश डी ने कहा, ”हमने जनता से अपील है कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और बातचीत से मुद्दे का हल निकालें.”

मोवलाई ब्रिज के पास सीआरपीएफ कैंप पर हुई पत्थरबाजी की स्थिति घटनास्थल की तस्वीरें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है. इसके बार सुरक्षा और बढ़ाई गई है. प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति पूर्वक हल निकालने के लिए कहा है.

दो समुदायों के बीच हुई झड़प सांप्रदायिक नहीं थी-सीएम
शिलांग के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू में रविवार को 7 घंटे की ढील दी गई. इस बीच, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने कहा कि गुरुवार को भड़की हिंसा स्थानीय मुद्दे की वजह से हुई थी और यह सांप्रदायिक प्रकृति की हिंसा नहीं थी. संगमा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया, ”समस्या एक खास इलाके में एक खास मुद्दे को लेकर हुई. दो समुदाय इसमें शामिल थे, लेकिन यह सांप्रदायिक प्रवृति की चीज नहीं थी.”

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मीडिया ने दिया सांप्रदायिक रंग
सीएम ने कहा कि निहित स्वार्थ वाले संगठनों और राज्य से बाहर की मीडिया के एक हिस्से ने शिलांग में हुई झड़पों को सांप्रदायिक रंग दिया.

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उपद्रवियों के मददगारों का पता लगा रहे
संगमा ने बताया कि हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए ज्यादातर लोग पूर्वी खासी हिल्स जिले से बाहर के थे. शिलांग पूर्वी खासी हिल्स जिले में ही है. उन्होंने कहा कि हिंसा का वित्तपोषण कर रहे लोगों का पता लगाया जा रहा है. (इनपुट- एजेंसी)

दिल्ली से आए थे अकाली नेता
पंजाबी लाइन में रहने वाले लोगों और खासी समुदाय से संबंध रखने वाले सरकारी बस कर्मियों के बीच हुई झड़पों के मद्देनजर शिरोमणि अकाली दल के नेताओं की एक टीम दिल्ली से यहां पहुंची थी.

प्रेयर के लिए दी छूट
पूर्वी खासी हिल्स जिले के अधिकारियों ने रविवार को सुबह 8 बजे से दोपहर तीन बजे तक कर्फ्यू में ढील दी थी ताकि गिरजाघर जाने वाले लोग रविवार की प्रार्थना में हिस्सा ले सकें. (इनपुट- एजेंसी)