45 साल के नितिन नबीन बने BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, लेकिन दूसरी पार्टी के मुखिया कितने उम्रदराज? जानिए पूरी लिस्ट

BJP ने 45 वर्षीय नितिन नबीन को नया नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त किया है. इस नियुक्ति से पार्टी में यंग लीडरशिप को आगे लाने का संकेत मिलता है. अन्य प्रमुख राजनीतिक दलों के पार्टी प्रमुखों की उम्र इससे ज्यादा है, जिससे नेतृत्व की उम्र को लेकर तुलना तेज हो गई है.

Published date india.com Updated: December 14, 2025 11:55 PM IST
45 साल के नितिन नबीन बने BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, लेकिन दूसरी पार्टी के मुखिया कितने उम्रदराज? जानिए पूरी लिस्ट

BJP’s New Working President: भारतीय जनता पार्टी ने 14 दिसंबर को नितिन नबीन (Nitin Nabin) को अपना राष्ट्रीय वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त किया. 45 वर्षीय नितिन नबीन को ऐसे समय में संगठन की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जब भारत की ज्यादातर प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की कमान अब भी उम्रदराज नेताओं के हाथों में है.

पूर्व बिहार मंत्री और लंबे समय से RSS से जुड़े रहे नितिन नबीन राष्ट्रीय स्तर पर टॉप लीडरशिप में पहुंचने वाले सबसे कम उम्र के नेताओं में शामिल हैं. देश की प्रमुख पार्टियों के मौजूदा अध्यक्षों या शीर्ष नेताओं पर नजर डालें तो उम्र का अंतर साफ दिखाई देता है. ज्यादातर दलों की कमान लंबे समय से वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं के हाथों में है.

उम्रदराज नेताओं के हाथों में कमान

  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे वर्तमान में 83 साल के हैं और उन्होंने 80 साल की उम्र में अक्टूबर 2022 में पद संभाला.
  • इसी तरह NCP (शरद पवार गुट) के शरद पवार 85 वर्ष के हैं, जिन्होंने 1999 में 58 साल की उम्र में पार्टी की कमान संभाली थी.
  • क्षेत्रीय दलों में भी उम्रदराज नेतृत्व की तस्वीर उभरती है. TMC प्रमुख ममता बनर्जी 70 वर्ष की हैं और उन्होंने 1998 में 42 साल की उम्र में पार्टी बनाई थी.
  • वहीं, RJD के लालू प्रसाद यादव 77 साल के हैं और 1997 में 49 वर्ष की उम्र में पार्टी अध्यक्ष बने.
  • BJD प्रमुख नवीन पटनायक 79 वर्ष के हैं और उन्होंने 1997 में 51 साल की उम्र में पार्टी की कमान संभाली थी.
  • दक्षिण भारत की पार्टियों में भी यही रुझान दिखता है. DMK अध्यक्ष एम के स्टालिन 72 वर्ष के हैं और 2018 में 65 साल की उम्र में पार्टी प्रमुख बने.
  • AIADMK के एडप्पादी के पलानीस्वामी 71 वर्ष के हैं, जिन्होंने 2023 में 68 साल की उम्र में जनरल सेक्रेटरी का पद संभाला.
  • कुछ दलों में युवा नेतृत्व भी देखने को मिलता है. AAP के अरविंद केजरीवाल फिलहाल 57 वर्ष के हैं और उन्होंने 2012 में महज 44 साल की उम्र में पार्टी की कमान संभाली थी.
  • वहीं, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव 52 वर्ष के हैं और 43 साल की उम्र में 2017 में अध्यक्ष बने.
  • BSP प्रमुख मायावती 69 वर्ष की हैं और उन्होंने 2003 में 47 साल की उम्र में पार्टी की कमान संभाली थी.
  • महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के एकनाथ शिंदे 61 वर्ष के हैं और 2022 में करीब 58 साल की उम्र में नेतृत्व संभाला.
  • शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की बात करें तो उद्धव ठाकरे 65 वर्ष के हैं और 2013 में 52 साल की उम्र में पार्टी प्रमुख बने थे.

युवा नेतृत्व की दिशा में अहम संकेत

इन सभी आंकड़ों की तुलना में BJP की तरफ से 45 वर्षीय नितिन नबीन को राष्ट्रीय वर्किंग प्रेसिडेंट बनाना, भारतीय राजनीति में अपेक्षाकृत युवा नेतृत्व की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है. सभी पार्टियों में, भारत में लीडरशिप काफी हद तक बुजुर्गों के हाथ में है, ज्यादातर अध्यक्ष 60, 70 या 80 साल के हैं, और कई दशकों से टॉप पद पर हैं. ऐसे में 45 साल की उम्र में नितिन नबीन का आगे बढ़ना एक अपवाद है, आम बात नहीं.

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