केदारनाथ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ मंदिर में पूजा अर्चना के बाद हिंदुओं के इस पवित्र तीर्थस्थल के विकास के लिए 5 परियोजनाओं की शुरुआत की. मोदी ने कहा कि पहाड़ की जवानी और पहाड़ का पानी इसके काम नहीं आता लेकिन हम इसे बदलेंगे. उत्तराखंड को ऑर्गेनिक खेती वाला राज्य बनाएंगे. उन्होंने कहा कि हिमालय की हर गोद में नई चेतना भरी हुई है. विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करते हुए पीएम ने कहा कि अगले साल यहां 10 लाख लोग आएंगे. 

केदारनाथ मंदिर में PM मोदी की विशेष पूजा, ललाट पर लगाया भोलेनाथ का तिलक

केदारनाथ मंदिर में PM मोदी की विशेष पूजा, ललाट पर लगाया भोलेनाथ का तिलक

5 अहम परियोजनाएं

-गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक मार्ग का चौरीकरण होगा. मार्ग का निर्माण आरसीसी से होगा.

-जरूरत के हिसाब से सारी चीजें भव्य और दिव्य वातावरण का निर्माण होगा. यात्री जिस प्रहर में आएगा, उसी प्रहर का स्वर उसे सुनाई देगा. श्रद्धालुओं को केदारनाथ की महिमा बताई जाएगी.

-मंदाकिनी के घाट का निर्माण कार्य. मंदाकिनी और सरस्वती नदी के संगम पर घाट का निर्माण किया जाएगा.

-पुरोहितों के घर थ्री इन वन होंगे. केदारनाथ के पुरोहितों को 24 घंटे बिजली-पानी मिलेगी और स्वच्छता का पूर्ण प्रबंध होगा.

-वर्ष 2013 की प्राकृतिक आपदा में क्षतिग्रस्त हुई आदिगुरू शंकराचार्य की समाधि का जीर्णोद्वार किया जाएगा.

मोदी ने कहा कि मैं सभी सरकारों, उद्योग जगत के लोगों से अपील करता हूं कि वो इस काम में साथ आएं. मोदी ने कहा कि मेरे यहां आने का मकसद था कि लोग पुराने हादसे को भूलकर यहां पर आने की शुरुआत करें. उन्होंने कहा कि इन सभी परियोजनाओं में पर्यावरण के सभी नियमों का ध्यान रखा जाएगा.

मंदिर में विशेष पूजा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ मंदिर पहुंच कर पूजा-अर्चना की. मोदी ने मंदिर में रुद्राभिषेक किया और 20 मिनट तक पूजा अर्चना की. पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत जय-जय केदार, जय भोलेनाथ के उद्घोष के साथ की. पीएम ने सभी देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दी. उन्होंने गुजरात के नव वर्ष की भी देशवासियों को बधाई दी. मोदी ने बीजेपी कार्यकर्ता के तौर पर बिताए दिनों को याद करते हुए कहा कि एक समय था कि मैं यहां पर ही रहता था, लेकिन शायद प्रभु की इच्छा नहीं थी कि मैं हमेशा यहां पर ही रहूं. आज एक बार फिर बाबा ने मुझे अपनी शरण में बुलाया है.