नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने मंगलवार को कचरा प्रबंधन के लिए शहरों की रेटिंग जारी करते हुए छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर और मध्यप्रदेश के इंदौर सहित 6 शहरों को ‘कूड़ा मुक्त पांच सितारा शहर’ घोषित किया. केंद्र ने कहा कि कोविड-19 महामारी से निपटने में स्वच्छ भारत मिशन ”सबसे बड़ी ताकत” है. इस फाइव स्‍टार रेटिंग में अंबिकापुर और इंदौर के अलावा गुजरात के राजकोट और सूरत, कर्नाटक के मैसूर और महाराष्ट्र के नवी मुंबई को स्‍थान मिला है. Also Read - Coronavirus: केंद्र सरकार ने शॉपिंग मॉल के लिए जारी की नई गाइडलाइंस, जानें नियम

आवास एवं शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कूड़ा मुक्त शहरों की स्टार रेटिंग के परिणामों की घोषणा की. कुल 141 शहरों की रेटिंग हुई है इनमें को पांच सितारा, 65 को तीन सितारा और 70 को एक सितारा मिला है. Also Read - Cyclone Nisarga: अब मध्य प्रदेश के लोग हो जाएं सावधान, तूफान दे सकता है दस्तक, घरों में रहने की अपील, अलर्ट

बता दें कि स्‍टार रेटिंग आकलन के लिए 1435 शहरों ने आवेदन किया था. उन्होंने कहा कि कवायद के दौरान 1.19 करोड़ नागरिकों की प्रतिक्रिया, 10 लाख से ज्यादा संग्रहित तस्वीरों का मूल्यांकन किया गया. इसके अलावा मूल्यांकन करने वाले 1210 लोगों ने 5175 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्रों का निरीक्षण किया.

अंबिकापुर और इंदौर के अलावा गुजरात के राजकोट और सूरत, कर्नाटक के मैसूर और महाराष्ट्र के नवी मुंबई को भी पांच सितारा रेटिंग मिला है. उन्होंने कहा कि नई दिल्ली, करनाल, चंडीगढ़, आंध्रप्रदेश का तिरुपति, विजयवाड़ा, छत्तीसगढ़ का भिलाई नगर और गुजरात का अहमदाबाद, मध्यप्रदेश का भोपाल और झारखंड का जमशेदपुर ‘तीन सितारा कूड़ा मुक्त रेटिंग’ वाले शहरों में हैं.

वहीं, दिल्ली छावनी, रोहतक (हरियाणा), ग्वालियर, वडोदरा, भावनगर उन शहरों में शामिल हैं, जिन्हें कूड़ा मुक्त होने के संबंध में एक सितारा दिया गया है. पुरी ने कहा कि कोविड-19 संकट के कारण सफाई और प्रभावी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन महत्वपूर्ण है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी अगर शहरी इलाके में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए पिछले पांच साल में स्वच्छ भारत मिशन की महत्वपूर्ण भूमिका नहीं होती तो मौजूदा (कोविड-19 से पैदा) स्थिति और खराब होती.”

आवास और शहरी मामलों के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि सितारा रेटिंग आकलन के लिए 1435 शहरों ने आवेदन किया था. उन्होंने कहा कि कवायद के दौरान 1.19 करोड़ नागरिकों की प्रतिक्रिया, 10 लाख से ज्यादा संग्रहित तस्वीरों का मूल्यांकन किया गया. इसके अलावा मूल्यांकन करने वाले 1210 लोगों ने 5175 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्रों का निरीक्षण किया.