जींद। यहां दलित ज्वाइंट एक्शन कमेटी के धरनास्थल पर आज 300 से ज्यादा दलित परिवारों के करीब 500 दलितों ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया. कमेटी के संयोजक और धरना संचालक दिनेश खापड़ ने यह जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली से आये छह बौद्ध भिक्षुओं ने धरनास्थल पर ही इन परिवारों को दीक्षा देकर धर्म परिवर्तन कराया. Also Read - बंगाल में भाजपा के सत्ता में आने के बाद गोरखा समस्या का समाधान हो जाएगा: अमित शाह

धरने पर बैठे हैं दलित Also Read - WB Assembly Electons 2021: ममता बनर्जी के बाद अब भाजपा नेता राहुल सिन्हा पर EC का एक्शन, लगाना 48 घंटे का बैन

पिछले 187 दिनों से दलित ज्वाइंट एक्शन कमेटी के तत्वावधान में अपनी मांगों को लेकर जींद के लघु सचिवालय में धरने पर बैठे हैं. दलितों की मांगों में कुरूक्षेत्र के एक गांव की दलित बेटी से हुई दरिंदगी की जांच कराना, हिसार के भटला में दलितों का सामाजिक बहिष्कार करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज करने और दलितों पर किए गए झूठे मामले खारिज करना, दलितों पर हो रहे अत्याचार पर अंकुश लगाना आदि शामिल हैं. Also Read - Night curfew in Haryana: पूरे हरियाणा में लगाया गया नाइट कर्फ्यू, अगले आदेश तक जारी रहेंगी पाबंदियां

इस मौके पर खापड़ ने कहा कि जब से देश और हरियाणा में भाजपा की सरकार बनी है तब से दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक गुलामी की जिंदगी जीने को मजबूर है. सरकार ने हर मामले में दलितों की अनदेखी करके दलितों के साथ विश्वासघात किया है.