नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आज बताया कि रविवार की रात चार राज्यों में बिजली गिरने और आंधी के साथ बारिश होने के कारण 53 लोगों की मौत हुई. सिर्फ उत्तर प्रदेश में ही 39 लोगों की जान गई है. मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकारों से मिली जानकारी के मुताबिक 13 और 14 मई की दरमियानी रात को बिजली गिरने और आंधी के साथ बारिश आने की वजह से उत्तर प्रदेश में 39 लोगों की मौत हुई है, जबकि आंध्र प्रदेश में नौ, पश्चिम बंगाल में चार और दिल्ली में एक व्यक्ति की मौत हुई है.

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 53, दिल्ली में 11 और पश्चिम बंगाल में एक व्यक्ति जख्मी हुआ है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में कल आंधी के साथ बारिश होने ने भारी तबाही मचाई थी. दिल्ली समेत उत्तर भारत में आंधी के कारण कल शाम कई जगह पेड़ गिर गये, सड़क, रेल एवं वायु यातायात सेवाएं प्रभावित हुईं. मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, असम, मेघालय, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में अलग अलग स्थानों पर रविवार को आंधी के साथ बारिश हुई.

उत्तर प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड और पंजाब में करीब 12 दिन पहले भी तूफान आया था जिसमें 134 लोगों की मौत हुई थी और 400 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे. तब सबसे ज्यादा प्रभावित आगरा जिला था. इसके बाद नौ मई को उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में फिर से अंधड़ आया था जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई और 27 अन्य जख्मी हो गए थे.

बता दें कि मथुरा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद हेमामालिनी रविवार को उस समय बाल-बाल बच गईं, जब आंधी-तूफान की वजह से एक पेड़ अचानक उनके काफिले के आगे गिर गया. यह घटना उस समय हुई जब हेमा मालिनी एक गांव में सभा को संबोधित करके लौट रही थीं. गनीमत रही कि खराब मौसम को देखते हुए सतर्क होकर वाहन चला रहे उनके चालक ने पेड़ से टकराने से पहले ही ब्रेक लगाकर गाड़ी को नियंत्रित कर लिया. उसके बाद सांसद के सुरक्षाकर्मियों एवं कार्यकर्ताओं ने मिलकर पेड़ हटाकर रास्ता साफ किया.

(इनपुट-भाषा)