नई दिल्ली: बच्चा चोरी के आरोप में भीड़ द्वारा लोगों की पीट-पीट कर हत्या के बढ़ते मामलों ने सरकार के साथ-साथ आम लोगों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि इस समस्या का समाधान क्या है. सोशल मीडिया फेसबुक और वाट्सऐप पर फैली अफवहों की वजह से देश के कई हिस्सों में आम नागरिक भीड़ का शिकार बने हैं और उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी है. पिछले एक साल में 9 राज्यों में 27 लोगों को भीड़ ने बच्चा चोरी के आरोप में पीट-पीट कर मार डाला. Also Read - भारत में रेप के आंकड़े: हर चौथी पीड़ित नाबालिग, 94 फीसदी मामलों में परिचित शामिल

आखिर क्या कारण है कि बच्चा चोरी का डर लोगों के मन में इस कदर बैठ गया है कि वे आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं. दरअसल आंकड़ों की बात करें तो पूरे देश में 2016 में लगभग 55 हजार बच्चे किडनैप हुए. जो कि 2015 की तुलना में 30 प्रतिशत ज्यादा है. मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक 2016 में 54723 बच्चे किडनैप हुए लेकिन 40.4 प्रतिशत केस में ही चार्जशीट दाखिल हो पाया. 2016 में किडनैपर्स को सजा देने की जो दर थी वह 22.7 प्रतिशत थी. Also Read - आतंकवादियों से भी बड़े पैमाने पर विस्फोटकों की तस्करी कर रहे माफिया, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

2015 में बच्चों के किडनैपिंग से जुड़े 41893 मामले सामने आए थे. वहीं 2014 में 37854 मामले सामने आए. हालांकि 2017 की रिपोर्ट आनी बाकी है. एमएचए की रिपोर्ट के अनुसार 2016 में मानव तस्करी के 8132 केस दर्ज किए गए. वहीं 2016 में बच्चों के खिलाफ अपराध के 106958 केस दर्ज किए गए. 2015 में यह आंकड़ा 94172 था. यानी एक साल में बच्चों के खिलाफ अपराध के 13.6 प्रतिशत मामले बढ़े हैं. Also Read - अपहरण की घटनाएं बढ़ी, हत्या के मामले में कमी: NCRB आंकड़ा

गौरतलब है कि हाल ही में मॉब लिंचिंग की ज्यादातर घटनाएं सोशल मीडिया पर बच्चा चोरी की अफवाह फैलने की वजह से घटी हैं. मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के अधिकारी का कहना है कि बच्चा चोरी का डर बेबुनियाद नहीं है. आंकड़े इसी ओर इशारा कर रहे हैं. खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के उठा लिए जाने का डर इसलिए बना हुआ है.

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर अफवाहों की वजह से भीड़ के हाथों हो रही हत्या को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की है. सोशल मीडिया पर बच्चा चोरी की अफवाह उड़ने की वजह से पिछले दो महीने में 20 लोगों को भीड़ के हाथों अपनी जान गंवानी पड़ी है. एक जुलाई को महाराष्ट्र के धुल जिले में भीड़ ने 5 लोगों को पीट-पीट कर मार डाला था. इस मामले में सभी 25 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.