नई दिल्ली: दिल्ली के गोविंद बल्लभ पंत हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने ड़ेढ साल के बच्चे को बड़े खतरे से बाहर निकालकर उसकी जान बचा ली. इस बच्चे के लिवर में 6 इंच लंबा कीड़ा था, जिसे डाॅक्टरों ने निकाल दिया. ये कीड़े मनुष्य के शरीर में गंदे पानी या खाने के कारण चले जाते हैं. डाॅक्टरों ने बताया कि ये कीड़े अकसर आंतों में पाए जाते हैं. लेकिन जिस बच्चे को अस्पताल लाया गया था वह मामला गंभीर था. कीड़ा बच्चे की पित्त नली से होता हुआ लिवर तक पहुंच गया.Also Read - पीसीआई के पहले फाउंडेशन डे पर जुटे तमाम डॉक्टर, भौतिक चिकित्सा पर हुई चर्चा

अस्पताल के गैस्ट्रोएन्टरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ.ए एस पुरी ने टीओआई को दी जानकारी में बताया कि यह शायद दुनिया का दूसरा ऐसा मामला है. उन्होंने कहा, तीन साल से ज्यादा की उम्र के बच्चों में पहले कीड़े लिवर में पाए जाते थे. सबसे पहले ऐसा मामला ब्राजील में सामने आया था. तब डॉक्टरों ने 9 एमएम के व्यास वाले बाल एन्डोस्कोप की मदद से डेढ़ साल के बच्चे के लिवर से उस कीड़े को निकाला था Also Read - सोनू सूद की मदद से बिस्तर पर पड़ी लड़की दोबारा चलने लगी, बोलीं- आप भगवान हैं!

लेकिन जीबी पंत अस्पताल के डॉक्टरों के पास यह उपकरण नहीं था, इसलिए उन्होंने बड़े एन्डोस्कोप को चुना, जो आकार में बड़ा था. डाॅक्टरों ने कहा कि हमने ये रिस्क सिर्फ इसलिए लिया, क्यूंकि बच्चे का इलाज समय पर करना बहुत जरूरी था. ऐसा ना करने पर  बच्चे की जान को खतरा था. Also Read - Cerelac Recipe: बाजार का नहीं, अपने नन्हें मुन्नों को खिलाए घर पर बना सेरेलेक, ये हैं आसान रेसिपी

डॉक्टरों ने अॉपरेशन के दौरान उपकरण को बच्चे की भोजन नली में डाला और वहां से यह छोटी आंत तक चला गया.  इसके बाद एक एन्डोस्कोपिक चाकू पित्त नली में डाला गया, जिसने कीड़े को बाहर निकाल दिया. डॉक्टरों ने बताया कि अॉपरेशन में 20 मिनट का समय लगा. लेकिन आॅपरेशन शुरू करने से पहले काफी तैयारी और विचार-विमर्श करना पड़ा.

एक सर्जन ने बताया कि भोजन की नली और हवा की नली में ज्यादा फासला नहीं होता है. इसलिए छोटी सी भी गलती घातक साबित हो सकती थी. इस सफल आॅपरेशन के बाद डॉक्टरों से चेहरे पर मुस्कान है.