नई दिल्ली: कुल 60.9 फीसदी भारतीयों का मानना है कि उन्हें राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के चलते आवश्यक वस्तुएं ऊंची कीमतों पर मिल रही हैं. इसका खुलासा सोमवार को एक सर्वेक्षण में हुआ है. देश भर में 26 मार्च और 27 मार्च को आईएएनएस सी-वोटर गैलप इंटरनेशनल एसोसिएशन कोरोना ट्रैकर द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है. Also Read - कोरोना वायरस से प्रभावित टॉप 10 देशों की सूची में पहुंचा भारत, जून के अंत तक बहुत तेजी से बढ़ेंगे मामले

सर्वे में शामिल लोगों से सवाल पूछा गया कि क्या आपको आवश्यक वस्तुएं उच्च कीमतों पर मिल रही हैं? इस पर कुल 60.9 फीसदी ने सहमति जताते हुए कहा कि हां उन्हें जरूरी चीजें अधिक कीमतों पर खरीदनी पड़ रही है. वहीं इस प्रश्न पर 28.7 फीसदी लोगों ने असहमति जताई और बाकी ने जवाब नहीं दिया. Also Read - पंजाब में कोविड-19 के 21 नए मामले सामने आये, कुल संख्या बढ़ कर 2,081 हुई

दरअसल लॉकडाउन के समय जरूरी चीजों की कमी होने संबंधी अफवाहों ने ही कीमतों में वृद्धि को बढ़ावा दिया है. देखा जा रहा है कि इसी कारण लोग जमाखोरी कर रहे हैं, जिससे देश में आवश्यक वस्तुओं की कमी होने के साथ ही कालाबाजारी को भी बढ़ावा मिला है. इसके अलावा वस्तुओं की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है. Also Read - शादी के तुरंत बाद दूल्‍हा-दुल्‍हन सीधे पहुंचे अस्‍पताल, कोरोना टेस्‍ट कराने के बाद पहुंचे घर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 25 मार्च को देशभर में तीन हफ्तों के लिए लॉकडाउन लागू करने के कुछ घंटों बाद ही किराने की वस्तुओं और दवाओं की जमकर खरीदारी की गई. आवश्यक वस्तुओं की बड़े पैमाने पर की गई जमाखोरी की वजह से ही लोगों को अधिकतर जरूरी वस्तुएं महंगी कीमतों पर खरीदनी पड़ रही हैं.

 

(इनपुट-एजेंसी)