नई दिल्लीः लॉकडाउन की वजह से कोटा में फंसे करीब 480 छात्र-छात्राएं आज सुबह दिल्ली पहुंच गए. ये सभी लोग आज सुबह करीब पांच बजे कश्मीरी गेट बस अड्डे पर पहुंचे. इन छात्रों को 40 बसों में लाया गया है. यहां सभी छात्रों का मेडिकल परीक्षण किया गया . इसके बाद डीटीसी की बसों के जरिये इन छात्रों को अपने अपने घरों तक छोड़ा जा रहा है. Also Read - Lockdown In India: बंगाल में 30 मई तक लॉकडाउन, जानें देश के किस राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में कब तक लागू है पाबंदी

दिल्ली के परिवहन मंत्री गहलोत ने ट्वीट कर इस बात की सूचना दी है. उन्होंने बताया कि बच्चों को वापस लाने के दौरान सामाजिक दूरी के नियमों का सख्ती से पालन किया गया. एक बस में अधिकतम 20 बच्चे सवार होकर वापस लौटे. Also Read - कोरोना पर PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग- ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर जांच पर दिया जोर; जानें बैठक की खास बातें...

इस से पहले परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया था कि सभी छात्र-छात्राओं को कश्मीरी गेट में मेडिकल परीक्षण के बाद ही उनके घर भेजा जाएगा. गौरतलब है कि कश्मीरी गेट बस अड्डे पर हेल्प डेस्क बनाया गया था. यहां छात्रों को घर ले जाने में सहायता के लिए डॉक्टर, पुलिसकर्मी और परिवहन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे. Also Read - COVID-19: Delhi में घटे केस, केजरीवाल बोले- 2 घंटे में होम आइसोलेशन वाले मरीजों के घर भेजेंगे ऑक्‍सीजन कंसंट्रेटर

ध्यान रहे कि ये छात्र कोटा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने के लिए गये थे लेकिन कोरोना वायरस की वजह से देश में लागू बंदी की वजह से घर नही लौट पा रहे थे . जिसकी वजह से ये लोग कई सप्ताह से वहां फंस गए थे .

इधर, दिल्ली में उनके अभिभावक दिल्ली सरकार से बार-बार इन छात्र और छात्राओं को वापस लाने के लिये गुहार लगा रहे थे. इसके बाद शनिवार को दिल्ली सरकार ने डीटीसी की 40 बसों को कोटा के लिए रवाना किया.