रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हड़ताल कर रहीं छह सौ से अधिक नर्सों को शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. रायपुर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि रायपुर में हड़ताल कर रहीं 607 नर्सों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. अग्रवाल ने बताया कि राज्य शासन ने नर्सों की हड़ताल को अवैध घोषित करते हुए उन्हें काम में लौटने के लिए कहा था लेकिन वे रैली निकाल रही थी तब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.उन्होंने बताया कि गिरफ्तार नर्सों को जेल भेजा गया है.

‘आंदोलन दबाने के लिए गिरफ्तारी’
रायपुर जिले के कलेक्टर ओपी चौधरी ने बताया कि नर्सिंग कार्य को अत्यावश्यक सेवा मानते हुए राज्य शासन ने अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लागू करते हुए नर्सों को काम में लौटने के लिए कहा था. जब वे वापस नहीं लौटी तब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. चौधरी ने बताया कि 227 नर्सों को जेल के भीतर भेजा गया है अन्य नर्सें जो जेल परिसर में हैं, उन्हें वापस जाने के लिए कहा जा रहा है. इधर छत्तीसगढ़ परिचारिका कर्मचारी कल्याण संघ ने आरोप लगाया कि नर्स अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक आंदोलन कर रही थी जिसे दबाने के लिए उनकी गिरफ्तारी की गई.

18 मई से हड़ताल पर थीं
संघ की मीडिया प्रभारी टिकेश्वरी साहू ने कहा कि नर्स वेतन विसंगति को दूर करने समेत अन्य मांगों को लेकर 18 मई से हड़ताल पर हैं. लेकिन राज्य सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया.साहू ने कहा कि नर्सें अपनी मांगों को लेकर लगातार पिछले तीन वर्षों से राज्य सरकार से गुहार लगा रही थी. लेकिन राज्य सरकार ने केवल आश्वासन ही दिया है. इसलिए उन्हें हड़ताल में जाने के लिए बाध्य होना पड़ा. उन्होंने कहा कि संघ के सदस्यों को पुलिस ने सुबह गिरफ्तार किया है और देर रात तक उन्हें रिहा नहीं किया गया है. इनमें कुछ नर्सें गर्भवती और बीमारी से पीड़ित भी हैं.

कांग्रेस का जोरदार हमला
इधर राज्य के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने नर्सों की गिरफ्तारी को राज्य सरकार का तानाशाही रवैया कहा है. प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है पखवाड़े भर से अधिक समय से नर्से अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलनरत है. नर्सों की हड़ताल की वजह से स्वास्थ्य सेवायें भी बुरी तरह से प्रभावित है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अकर्मण्य बना हुआ है. सरकार को न तो मरीजों की फिक्र है और न ही नर्सों की.

‘दौड़ा-दौड़ा कर नर्सों की गिरफ्तारी’
त्रिवेदी ने कहा है कि नर्सों द्वारा की जा रही मांगें ऐसी नहीं है कि उसका समाधान न किया जा सके, लेकिन भाजपा सरकार में समस्या के समाधान की इच्छाशक्ति नहीं बची है. पुलिस दमन, बर्बरतापूर्वक दौड़ा-दौड़ा कर नर्सो की गिरफ्तारी कर जबरन हड़ताल खत्म करने की कोशिश और गिरफ्तारी भाजपा सरकार का तानाशाही रवैया है.