रांची: झारखंड सरकार रांची में मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित सात बालगृहों के लाइसेंस रद्द करेगी. सामाजिक कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने मंगलवार को आईएएनएस से कहा, “समाज कल्याण विभाग ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित 7 बालगृहों के लाइसेंस रद्द करने की रांची के उपायुक्त की अनुशंसा स्वीकार कर ली है.” अधिकारी ने कहा, “इस बारे में अधिसूचना स्वतंत्रता दिवस के बाद जारी की जाएगी.” दो अन्य संस्थान, आशा संस्थान और किशोरी निकेतन को उनकी कार्यपद्धति सुधारने के लिए तीन माह का वक्त दिया गया है. Also Read - झारखंड में कोरोना वायरस: कोविड-19 संक्रमण के 27 नए मामले, संक्रमितों की कुल संख्या 350 हुई, चार की मौत

Also Read - झारखंड के पूर्व सीएम मधु कोड़ा नहीं लड़ पाएंगे चुनाव, High Court ने खारिज की याचिका

वीडियो: मदर टेरेसा मिशनरी की सिस्टर का ये कबूलानामा, 3 बच्चों को पैसे लेकर बेचा Also Read - Liquor Home Delivery: Swiggy ने इस राज्य में शुरू की शराब की होम डिलीवरी

बता दें कि कुछ समय पहले मिशनरीज ऑफ चैरिटी जून में चार नवजात शिशुओं को ‘बेचने’ के मामले में विवादों में घिर गया था. इस मामले में चैरिटी के एक कर्मचारी और एक सिस्टर को गिरफ्तार किया गया था.

केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी के सभी बाल गृहों की जांच के आदेश दिए

समाज कल्याण विभाग के अधिकारी ने कहा, “रांची के उपायुक्त ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित बाल गृहों की जांच के आदेश दिए थे. जिला अधिकारियों ने गृहों की जांच की और इसके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की, क्योंकि इन बालगृहों में नियमों का पालन नहीं होता था.”

नियमों का पालन नहीं हो रहा

अधिकारी ने कहा, “सात बालगृहों में से, एक के पास इमारत नहीं है, दूसरा किशोर न्याय अधिनियम के तहत प्रस्तावित दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहा था. तीसरे बालगृह ने दो कमरे में 43 बच्चों को रखा था और एक बाल गृह का पता गलत पाया गया. पांचवें गृह का लाइसेंस समाप्त हो चुका था और बाकी दो में कुछ अनियमितताएं पाई गईं.”

ममता का हमला, कहा- मिशनरीज ऑफ चैरिटी को बदनाम कर रही भाजपा

आर्कबिशप ने सरकार पर लगाया था ये आरोप

रांची के आर्कबिशप फेलिस्क टोप्पो ने दो दिन पहले एक बयान में आरोप लगाया था कि राज्य सरकार एनजीओ की जांच के नाम पर मिशनरीज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है. राज्य का सीआईडी 88 एनजीओ के वित्तपोषण की जांच कर रहा है. राज्य की बीजेपी संगठन ने हालांकि इन आरोपों को खारिज कर दिया था. झारखंड बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शेहदरो ने कहा, “केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशानिर्देश के तहत जांच चल रही है. मिशनरीज को जांच में सहयोग करना चाहिए.”