नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि लीबिया में पिछले महीने सात भारतीयों का अपहरण कर लिया गया और भारत उनकी रिहाई के लिए लीबियाई अधिकारियों के संपर्क में है. अपहृत भारतीयों में आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात और उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हैं. Also Read - भारत की चीन को दो टूक-देश के अभिन्‍न हिस्‍से हैं J&K, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश, रहे हैं और रहेंगे

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अनुराग श्रीवास्तव ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इन भारतीयों का अपहरण 14 सितंबर को अस्सहवेरिफ इलाके से उस समय कर लिया गया जब वे भारत के लिए उड़ान पकड़ने त्रिपोली एयरपोर्ट जा रहे थे. Also Read - लीबिया में अगवा किए भारतीयों की हो गई रिहाई, विदेश मंत्रालय ने कहा- किसने अगवा किया जानकारी नहीं

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ताने कहा, ”सरकार इन लोगों के परिवार के सपंर्क में है और आश्वासन देना चाहेगी कि लीबियाई अधिकारियों तथा नियोक्ता के साथ वार्ता और समन्वय कर हम अपने नागरिकों का पता लगाने तथा जल्द से जल्द उन्हें मुक्त कराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं.” Also Read - भारत, चीन ने अपने-अपने कमांडरों के छठे दौर की वार्ता के नतीजों का पॉजिटिव रूप से आकलन किया

श्रीवास्तव ने कहा कि अपहृत किए गए भारतीय नागरिक एक निर्माण एवं तेल आपूर्ति कंपनी में काम करते थे. उन्होंने कहा, ”अपहर्ताओं ने नियोक्ता से संपर्क किया है और सबूत के रूप में तस्वीर दिखाई हैं कि भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं तथा उनका ठीक से ध्यान रखा जा रहा है.”

वर्ष 2011 में मुअम्मर कज्जाफी के शासन के पतन के बाद से तेल प्रचुर देश लीबिया बड़े पैमाने पर हिंसा का सामना कर रहा है. श्रीवास्तव ने कहा कि ट्यूनीशिया स्थित भारतीय दूतावास ने लीबिया सरकार के अधिकारियों और वहां मौजूद अंतरराष्ट्रीय संगठनों से संपर्क किया है तथा भारतीय नागरिकों की रिहाई में उनकी मदद मांगी है.

ट्यूनीशिया स्थित भारतीय मिशन लीबिया में रह रहे भारतीय नागरिकों से जुड़े मामलों को देखता है. सितंबर 2015 में एक परामर्श जारी कर कहा गया था कि भारतीय नगारिक लीबिया की खराब सुरक्षा स्थिति के चलते वहां की यात्रा करने से बचें. मई 2016 में सरकार ने लीबिया में खराब होती स्थिति के चलते संपूर्ण यात्रा प्रतिबंध लगा दिया था. श्रीवास्तव ने कहा, ”यह यात्रा प्रतिबंध अब भी लागू है..