नई दिल्लीः देश के 72वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज चाक चौबंद सुरक्षा इंतजामों के बीच जश्न ए आजादी के आयोजन शुरू हो गया है. यहां स्थित ऐतिहासिक लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस के मुख्य आयोजन को देखते हुये दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. दिल्ली के सभी प्रवेश मार्गों पर पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच प्रत्येक वाहन पर नजर रखी जा रही थी.

प्रधानमंत्री के संबोधन स्थल लालकिले और राजधानी के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर सुरक्षा के इंतजामों के बीच दिल्ली को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है. मुख्य आयोजन स्थल लाल किले के आसपास पुरानी दिल्ली और लुटियन दिल्ली सहित अन्य प्रमुख इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से हाई अलर्ट है.

नोएडा, फरीदाबाद, गुड़गांव, गाजियाबाद और रोहतक सहित अन्य प्रमुख प्रवेश मार्गों पर पुलिस के आला अधिकारियों की मौजूदगी में गश्ती दलों की निगरानी तड़के से ही शुरु कर दी गयी. इसके मद्देनजर पूरी दिल्ली में लगभग 70 हजार पुलिसकर्मी तैनात हैं. लगभग 10 हजार पुलिसकर्मी लालकिले पर सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान वरिष्ठ मंत्रियों, शीर्ष नौकरशाहों, विदेशी राजनयिकों और जनसामान्य की मौजूदगी होगी.

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लालकिले के आसपास नहीं दिखेगी कोई पतंग
दिल्ली पुलिस के कर्मियों से विशेष रूप से आसमान पर नजर रखने को कहा गया है जिससे कि यह सुनिश्चित हो सके कि लालकिले के आसपास के क्षेत्रों में कोई पतंग दिखाई न दे. पिछले साल, प्रधानमंत्री जब स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित कर रहे थे तो एक काली पतंग मंच के सामने आकर गिरी थी. हालांकि पतंग से किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था और प्रधानमंत्री ने इससे प्रभावित हुए बिना अपना संबोधन जारी रखा था.

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लालकिले के आसपास पतंग पकड़ने वालों की तैनाती की गई है और पूर्वाह्न 11 बजे तक क्षेत्र में पतंगबाजी पर रोक लगा दी गई है. लालकिले की तरफ जाने वाली सड़कों पर 500 से अधिक तथा लालकिले के अंदर 200 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं. फुटेज पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है. इस बार दिल्ली पुलिस की स्वाट इकाई की 36 महिला कर्मी भी अपने पुरुष सहकर्मियों के साथ आयोजन स्थल की सुरक्षा में तैनात हैं .

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लाल किले पर सुरक्षा घेराबंदी की आतंरिक परिधि में एनएसजी के अचूक निशानेबाजों और कमांडो की टीम तैनात की गई है. ड्रोन या प्रक्षेपण वस्तुओं के जरिए हवाई घुसपैठ के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए विामनभेदी तोप तैनात की गई हैं. दिल्ली पुलिस शहर में पहले ही पैरा ग्लाइडिंग, ड्रोन या हॉट एअर बैलून उड़ाने जैसी गतिविधियों को प्रतिबंधित कर चुकी है. लालकिले के पास की इमारतों पर पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवान तैनात हैं.