नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कई अहम बातें कही है. यहां पढ़िए उनकी पूरी अहम बातें….

– राक्षसी प्रवृत्ति पर प्रहार करने की आवश्यकता है, महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को अक्षुण्ण रखने के लिये किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती.

– देश आज ईमानदारी का उत्सव मना रहा है, अगर कल्याणकारी योजनाओं से किसी को पुण्य मिलता है तो सरकार को नहीं बल्कि ईमानदार करदाताओं को मिलता है, उनके पैसे से गरीब परिवारों को सस्ता भोजन मिलता है.

– बहादुर बेटियों को खुशखबरीद: महिला अधिकारियों के शॉर्ट कमीशन सर्विस के माध्यम से चयन की आज लालकिले से मैं घोषणा करता हूं.

– छह करोड़ फर्जी लोगों के नाम पर विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाया जा रहा था, इसे रोका गया. इससे देश को 90,000 करोड़ रुपये की बचत हुई.

– पिछले चार साल में प्रत्यक्ष कर देने वालों की संख्या चार करोड़ से बढ़कर 6.75 करोड़ हो गयी, वहीं अप्रत्यक्ष करदाताओं की संख्या जहां पहले 70 लाख थी, जीएसटी लागू होने के एक साल में ही बढ़कर 1.16 करोड़ पर पहुंच गयी.

– हमने भाई-भतीजा वाद को खत्म किया, यह तकनीकी के माध्यम से व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के कारण संभव हुआ.

– सरकार के प्रयासों से पिछले चार साल में ऐथनाल का उत्पादन तीन गुना हो गया, मछली उत्पादन में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बना, शहद का निर्यात भी दोगुना हुआ, खादी की बिक्री दोगुनी हुई.

– हमारा इरादा 2022 तक कृषि क्षेत्र में बीज से लेकर बाजार तक आधुनिकता लाकर मूल्य वर्द्धन करने का है ताकि किसान विश्व बाजार में ताकत के साथ खड़ा हो सके.

– साल 2022 से पहले ही, भारतीय वैज्ञानिकों ने मानवसहित गगनयान लेकर अंतरिक्ष में तिरंगे के साथ जाने का संकल्प लिया है, यदि संभव हुआ तो भारत इस उपलब्धि को हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश होगा.

– आजादी के 75 साल पूरे होने पर, वर्ष 2022 तक भारत का बेटा या बेटी अंतरिक्ष में जाएगी.

– मुद्रा योजना के तहत 13 करोड़ लोगों और उद्यमियों को कर्ज दिये गये जिनमें से चार करोड़ नौजवनों ने पहली बार कर्ज लिया और स्वरोजगार को बढ़ाया.

– एक समय था जब पूर्वोत्तर को लगता था कि दिल्ली बहुत दूर है लेकिन हमने दिल्ली को पूर्वोत्तर के दरवाजे पर खड़़ा कर दिया है. पूर्वोत्तर में आज हाईवेज से लेकर ई वेज तक की चर्चा हो रही है.

– वर्ष 2014 से पहले दुनिया की गणमान्य संस्थाएं और अर्थशास्त्री हमारे देश के लिए कहते थे कि हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था में बहुत जोखिम है. वही लोग आज हमारे सुधारों की तारीफ कर रहे हैं.

– दुनिया भर के अर्थशास्त्री अब मानने लगे हैं कि भारत अगले तीन दशक तक वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति देता रहेगा.

– बदलाव का ही नतीजा है कि दुनिया के नेतृत्वकर्ता भारत के लिये कह रहे हैं कि सोया हुआ हाथी अब जाग चुका है, आने वाले तीन दशक तक भारत विश्व को गति देगा. ऐसा विश्वास आज भारत के लिये पैदा हुआ है.

– कभी भारत की गिनती कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में होती थी लेकिन आज देश अरबों डालर के निवेश का बेहतर गंतव्य बन गया है.

– जब हौसले बुलंद होते हैं, देश के लिए कुछ करने का इरादा होता है तो बेनामी संपत्ति का कानून भी लागू होता है.

– शुरू में कठिनाइयों के बावजूद देश ने जीएसटी को अपनाया और व्यपारियों का भरोसा बढ़ा है.

– हम कड़े फैसले लेने की सामर्थ्य रखते हैं क्योंकि हमारे लिये देश हित सर्वोपरि है, दलहित हमारे लिये मायने नहीं रखता है.

– देश की अपेक्षाएं और आवश्यकताएं बहुत हैं, उन्हें पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को निरंतर प्रयास करना है.

– वर्षों से किसानों को उनकी फसल की लागत का डेढ़ गुना एमएसपी देने की मांग थी जिसे हमने पूरा किया.

– पिछले चार साल में बहुत काम हुए. वर्ष 2013 की रफ्तार से चलते तो गांवों तक बिजली पहुंचाने में एक-दो दशक और लग जाते, उसी रफ्तार से काम करते तो गरीबों को एलपीजी चूल्हा उपलब्ध कराने में 100 साल भी कम पड़ जाते.

– वर्ष 2014 से अब तक मैं अनुभव कर रहा हूं कि सवा सौ करोड़ देशवासी सिर्फ सरकार बनाकर रुके नहीं, बल्कि वे देश बनाने में जुटे हैं.

– गरीबों को न्याय मिले, जन जन को आगे बढ़ने का मौका मिले, मध्यम वर्ग को आगे बढ़ने में कोई समस्या न आये, यह हमारा प्रयास है.

– अगले वर्ष बैसाखी पर जलियांवाला बाग़ नरसंहार के 100 वर्ष पूरे हो जाएंगे. मैं इस नरसंहार में शहीद हुए हर देशवासी को श्रद्धांजलि देता हूं.

– हम चाहते हैं कि दुनिया में भारत की न केवल अपनी साख हो बल्कि उसकी धमक भी हो.

– भारी वर्षा के कारण जिन लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा, उनके साथ पूरा देश खडा़ है.

– संसद का मानसून सत्र पूरी तरह से सामाजिक न्याय को समर्पित था, जहां दलित, शोषित, पीड़ित वंचित वर्ग के हितों पर संवेदनशीलता का परिचय दिया गया और ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने संबंधी विधेयक पारित हुआ.

– नयी ऊर्जा और परिश्रम की पराकाष्ठा के साथ देश नयी ऊंचाईयां हासिल कर रहा है.

-प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है.