आज विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट समारोह का होगा आयोजन, बजाई जाएंगी ऑल इंडिया ट्यून्स

Beating The Retreat 2024: बीटिंग रिट्रीट सेना का अपने बैरक में लौटने का प्रतीक भी माना जाता है. ऐसा माना जाता है, जब शाम के वक्त सेनाएं युद्ध समाप्त करके लौटती थी.

Written by: Tanuja Joshi
Updated: January 29, 2024, 10:02 AM IST

Beating Retreat 2024: हर साल 29 जनवरी को बीटिंग द रिट्रीट (Beating The Retreat) समारोह होता है. यह समारोह विजय चौक पर आयोजित होगा. इसी के साथ गणतंत्र दिवस समारोह का औपचारिक समापन किया जाता है. आज भी शाम को राष्ट्रीय राजधानी के विजय चौक पर गणतंत्र दिवस समारोह के समापन के प्रतीक बीटिंग रिट्रीट समारोह होना है. इस दौरान ऑल इंडिया ट्यून्स.

ऑल इंडिया ट्यून्स की शुरुआत शंख बजाने के समान ‘शंखनाद’ धुन से होगी. संगीतमय अनुष्ठान को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी और अन्य लोग रायसीना हिल्स पर सूरज डूबने के साथ देखेंगे. भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CRPF) के संगीत बैंड 31 मनोरम और थिरकाने वाली भारतीय धुनें बजाएंगे. 26 जनवरी को, गणतंत्र दिवस परेड की शुरुआत कार्तव्य पथ के औपचारिक मार्ग पर 100 महिलाओं की तरफ से शंख बजाने और अन्य पारंपरिक भारतीय वाद्ययंत्र बजाने के साथ हुई.

कौन-कौन होंगे मौजूद?

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अन्य केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. समारोह की शुरुआत सामूहिक बैंड की ‘शंखनाद’ धुन के साथ होगी, जिसके बाद पाइप्स द्वारा ‘वीर भारत’, ‘संगम दूर’, ‘देशों का सरताज भारत’, ‘भागीरथी’ और ‘अर्जुन’ जैसी मनमोहक धुनें बजाई जाएंगी. ढोल बैंड, सीएपीएफ बैंड अन्य जोशीले गानों के साथ ‘भारत के जवान’ और ‘विजय भारत’ बजाएंगे.

क्या-क्या कार्यक्रम होंगे?

‘टाइगर हिल’, ‘रेजॉइस इन रायसीना’ और ‘स्वदेशी’ भारतीय वायु सेना के बैंड द्वारा बजाई जाने वाली धुनों में से हैं, जबकि दर्शक भारतीय नौसेना बैंड को ‘आईएनएस विक्रांत’ सहित कई धुनें बजाते हुए देखेंगे. ‘मिशन चंद्रयान’, ‘जय भारती’ और ‘हम तैयार हैं’ के बाद भारतीय सेना का बैंड होगा जो ‘फौलाद का जिगर’, ‘अग्निवीर’, ‘कारगिल 1999’, ‘ताकत वतन’ समेत अन्य गीत बजाएगा.

इसके बाद सामूहिक बैंड ‘कदम कदम बढ़ाए जा’, ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ और ‘ड्रमर्स कॉल’ की धुनें बजाएंगे. कार्यक्रम का समापन ‘सारे जहां से अच्छा’ की लोकप्रिय धुन के साथ होगा. समारोह के मुख्य संचालक लेफ्टिनेंट कर्नल विमल जोशी होंगे, जबकि आर्मी बैंड के कंडक्टर सूबेदार मेजर मोती लाल होंगे, एमसीपीओ एमयूएस II एम एंटनी और वारंट ऑफिसर अशोक कुमार भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के कंडक्टर होंगे. वहीं, सीएपीएफ बैंड की संचालिका कांस्टेबल जीडी रानीदेवी होंगी.

कब हुई थी बीटिंग रिट्रीट की शुरुआत?

‘बीटिंग रिट्रीट’ की शुरुआत 1950 के दशक की शुरुआत में हुई जब भारतीय सेना के मेजर रॉबर्ट्स ने सामूहिक बैंड द्वारा प्रदर्शन के अनूठे समारोह को स्वदेशी रूप से विकसित किया. यह सदियों पुरानी सैन्य परंपरा का प्रतीक है, जब सैनिक लड़ना बंद कर देते थे, अपने हथियार बंद कर देते थे, युद्ध के मैदान से हट जाते थे और रिट्रीट की ध्वनि के साथ सूर्यास्त के समय शिविरों में लौट आते थे. रंग और मानक खोल दिए जाते हैं और झंडे उतार दिए जाते हैं. यह समारोह बीते समय के प्रति पुरानी यादें ताजा करता है.

Add India.com as a Preferred Source Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.