नई दिल्‍ली: सरकार ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान हटाए जाने के बाद से सुरक्षा बलों ने पथराव के आरोप में 765 लोगों को गिरफ्तार किया. बता दें कि गत पांच अगस्त को भारत ने अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को मिला विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था.Also Read - Amit Shah ने Pulwama terror attack में शहीद 40 CRPF जवानों को दी श्रद्धांजलि

गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा, गत पांच अगस्त से 15 नवंबर के बीच पथराव/ कानून व्यवस्था से संबंधित दर्ज 190 मामलों में 765 लोगों की गिरफ्तारी की गई. Also Read - अमित शाह ने बुलेट प्रूफ ग्लास हटवाने के बाद दिया भाषण, पाक के बजाय, जम्मू-कश्मीर के युवाओं से बात करेंगे

गृह राज्य मंत्री ने कहा कि इस साल एक जनवरी से चार अगस्त के बीच ऐसे 361 मामले दर्ज किए गए थे. रेड्डी ने कहा कि पथराव की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने बहुआयामी नीतियां अपनाई हैं. Also Read - गृह मंत्री अमित शाह ने आगे बढ़ाया अपना जम्मू-कश्मीर दौरा, पुलवामा में CRPF के साथ बिताएंगे रात

बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर के विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने की घोषणा के बाद से पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला हिरासत समेत करीब 200 नेता जेल में हैं.

कश्मीर घाटी में करीब तीन महीने के बाद कल मंगलवार को स्कूल खुले. जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने के बाद से स्कूल बंद थे. घाटी में जनजीवन भी सामान्य की तरफ बढ़ रहा है.

अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म करने से कुछ दिन पहले घाटी में तीन अगस्त को सुरक्षा कारणों से ट्रेन सेवा निलंबित कर दी गई थी. हालांकि, अब भी कुछ इलाकों में बंद का असर है और बाजार खुलने के समय में परिवर्तन देखा गया है. अब यहां सुबह-सुबह दुकानें खुलती हैं और दोपहर तक बंद हो जाती है. हालांकि,  शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में कुछ दुकानें पूरे दिन खुली रहीं. हालांकि, घाटी में प्रीपेड मोबाइल सेवा और इंटरनेट सेवा पांच अगस्त से ही बंद हैं.