नई दिल्ली: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की ओर से जारी नवीनतम सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में 2019 में हत्या के प्रतिदिन औसतन 79 मामले दर्ज किए गए, जबकि इस वर्ष के दौरान कुल अपहरण के लगभग 66 प्रतिशत मामलों में बच्चे पीड़ित थे.Also Read - फिलीपीन ने भारत एवं नौ अन्य देशों पर यात्रा पाबंदियां 15 अगस्त तक के लिए बढ़ायीं

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार 2019 में हत्या के कुल 28,918 मामले दर्ज किए गए जिसमें 2018 (29,017 मामले) की तुलना में 0.3 प्रतिशत की मामूली कमी दिखाई देती है. Also Read - भारत ने 31 अगस्‍त तक इंटरनेशनल यात्री उड़ानों पर प्रतिबंध बढ़ाया, पढ़ें ये गाइडलाइंस

हत्‍याओं के पीछे ये रहीं प्रमुख वजह
आंकड़ों के अनुसार हत्या के मामलों में से 9,516 मामलों में हत्या का उद्देश्य ‘विवाद’ रहा और इसके बाद 3,833 मामलों में हत्या का कारण ‘व्यक्तिगत रंजिश या दुश्मनी’ रहा और 2,573 मामलों में ‘फायदा’ रहा. Also Read - तीन साल में देश की 49 और नदियां हो गई प्रदूषित, लोकसभा में सरकार ने दी जानकारी

अपहरण के मामलों में मामूली गिरावट
साल 2019 में अपहरण के मामलों में 0.7 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई है. आंकड़ों के अनुसार 2019 में इन मामलों की संख्या 1,05,037 रही, जबकि 2018 में यह संख्या 1,05,734 थी. इसके अनुसार अपहरण के कुल मामलों में से 2019 में 23,104 पुरुष और 84,921 महिलाएं पीड़ित थी.

मानव तस्करी के 2,260 मामले दर्ज किए गए
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 में मानव तस्करी के 2,260 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2018 में यह संख्या 2,278 थी और इसमें 0.8 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई है. तस्करी के शिकार हुए कुल 6,616 लोगों में 2,914 बच्चें और 3,702 वयस्क शामिल हैं.

6,571 पीड़ितों को तस्करों के चंगुल से बचाया गया
एनसीआरबी ने बताया कि इसके अलावा, 6,571 पीड़ितों को तस्करों के चंगुल से बचाया गया. तस्करी के 2,260 मामलों में 5,128 लोगों को गिरफ्तार किया गया.