बिहार के विश्वविद्यालय कर्मियों को बड़ा तोहफा मिला है. राज्य सरकार ने इन्हें सातवें वेतन आयोग (7th pay commission) की सिफारिशों के हिसाब वेतन देने का एलान कर दिया है. ये वेतनमान एक अप्रैल 2017 से लागू होगा. इस तरह बकाया रकम एरियर के रूप में मिलेगा. जानकारी के मुताबिक 7th pay commission की सिफोरिशों को लागू किए जाने से इनके वेतन में 15 से 17 फीसदी तक की वृद्धि हुई है. पिछले दिनों राज्य कैबिनेट ने इसकी मंजूदी दे दी थी. अब शिक्षा विभाग इसे क्रियांवित करने में जुटा है.

नए वेतनमान में अब कर्मियों का चिकित्सा भत्ता 200 रुपये मासिक से बढ़कर 1000 रुपये हो गया है. गौरतलब है कि राज्य सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए एक समिति का गठन किया था. उक्त समिति की अनुशंसा को पिछले दिनों कैबिनेट ने मंजूरी दे दी थी.

कैबिनेट के इस फैसले का लाभ राज्य के 6 हजार यूनिवर्सिटी टीचर्स और 30 हजार के करीब अन्य सहायक कर्मियों को मिलेगा. समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा था कि यूजीसी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के शिक्षकों की पेंशन के लिए जो व्यस्था करेगा वही व्यवस्था राज्य सरकार के विश्वविद्यालयों के शिक्षकों पर लागू होगी.