नई दिल्ली: 7th pay commission: नववर्ष शुरू होने के साथ ही पश्चिम बंगाल में राज्य कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज आई है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को राज्य कर्मचारियों के सभी बकाया महंगाई भत्ते (DA) का इस साल जनवरी तक भुगतान करने का एलान किया. इसके साथ ही सरकार ने बेसिक सैलरी का 125 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का एलान किया है. बीरभूम जिले में प्रशासनिक समीक्षा बैठक के संचालन के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि सरकार के पास पैसा नहीं है, लेकिन हम सभी लंबित महंगाई भत्ते का जनवरी तक भुगतान कर देंगे. Also Read - UGC NET Exam 2020: परीक्षा शेड्यूल को लेकर TMC सांसद ने केंद्र पर बोला हमला, कहा- कुछ डेट्स राज्य के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा से खाती है मेल 

बता दें कि बेसिक वेतन के 125% महंगाई भत्ते का फैसला जून 2018 में ही ले लिया गया था. राज्य के करीब 8 लाख कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का जनवरी से लाभ मिलना शुरू हो जाएगा. लोकसभा चुनाव से पहले इस घोषणा को वोटबैंक की राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है. कलकत्ता हाईकोर्ट अपने एक फैसले में कहा था कि महंगाई भत्ता सभी राज्य कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है. Also Read - ममता सरकार का बड़ा ऐलान, पश्चिम बंगाल में ब्राह्मण पुजारियों को मिलेगा मासिक भत्ता और मुफ्त आवास

बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने दिसंबर में 7वें वेतन आयोग को लागू करने की घोषणा करके सभी सरकारी कर्मचारियों को नए वर्ष का तोहफा दिया था. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी के फैसले को मंजूरी दी गई थी जिससे राज्य के करीब 17 लाख कर्मचारियों को फायदा मिलेगा, जबकि सरकारी खजाने पर 21,000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. कई महीनों से लंबित यह फैसला 1 जनवरी 2019 से लागू हो गया. हालांकि इसमें वेतन वृद्धि 1 जनवरी 2016 से की गई है अत: सभी कर्मचारियों के पिछले 36 महीनों का एरियर मिलेगा. नया वेतन कर्मचारियों के खाते में 1 फरवरी से आएगा. Also Read - बंगाल में अराजकता चरम पर पहुंच गई है, ममता के शासन महिलाओं की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं : कैलाश विजयवर्गीय

कर्मचारियों के तीन साल का एरियर जो करीब 10,000 करोड़ रुपए का है वह कर्मचारियों के प्रोविडेंड फंड खातों में पांच किश्तों में आएगा. एक अधिकारी ने कहा कि कर्मचारी पिछले 14 महीनों के महंगाई भत्ते (डीए) के भी हकदार होंगे. आधिकारिक अनुमानों के मुताबिक, श्रेणी चार के कर्मचारियों का वेतन करीब 4,000-5,000 रुपए बढ़ेगा, जबकि श्रेणी 3 के कर्मियों के वेतन में 5,000 रुपए से 8,000 रुपए तक की बढ़ोतरी होगी, श्रेणी 2 और श्रेणी 1 के अधिकारियों के वेतन में 9,000 रुपए से 14,000 रुपए तक की बढ़ोतरी होगी.