नई दिल्ली. केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी 7th Pay Commission के तहत बढ़ी हुई सैलरी पाने के सपने देख रहे हैं. केंद्र सरकार भी अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए लगभग 50 लाख वर्तमान और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत बढ़ा हुआ वेतनमान देने का मन बना चुकी है. मीडिया रिपोर्टों की मानें तो आगामी 15 अगस्त को पीएम नरेंद्र मोदी न्यूनतम वेतनमान में वृद्धि का एलान कर सकते हैं. लेकिन इससे पहले भारत के केंद्रीय बैंक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की एक चेतावनी, इन कर्मचारियों की वेतन वृद्धि के सपनों पर पानी फेरती नजर आ रही है. हमारी सहयोगी वेबसाइट जीन्यूज.कॉम के अनुसार आरबीआई ने इस महीने के शुरू में मौद्रिक नीति की समीक्षा की थी. इसमें बैंक ने आशंका जताई है कि एचआरए यानी हाउस रेंट एलाउंस में संशोधन से महंगाई बढ़ने का खतरा बरकरार है. जानकारों के अनुसार, केंद्र सरकार अगर भारतीय रिजर्व बैंक की इस चिंता पर विचार करेगी तो लाखों कर्मचारियों की सैलरी बढ़ने की उम्मीदों पर पानी फिर सकता है. Also Read - पेरिस से भी शानदार दिखेगी अयोध्या नगरी, रामलला की जन्मस्थली का हुआ अनोखा कायाकल्प, विशेष सुरक्षा और लाइटिंग ने बदला नजारा

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इसी साल जुलाई से अमल में आया है संशोधित एचआरए

भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति की समीक्षा के दौरान रेपो रेट में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी कर इसे 6.5% कर दिया है. वहीं रिवर्स रेपो रेट को बढ़ाकर 6.25 प्रतिशत किया गया है. अभी केंद्रीय कर्मियों को बेसिक पे फिटमेंट फैक्‍टर के आधार पर मिलता है. फिटमेंट फैक्‍टर का इस्‍तेमाल सातवें वेतन आयोग की अनुशंसाओं में किया गया था. छठे वेतन आयोग के दौरान जो बेसिक पे तय की गई थी, उससे फिटमेंट फैक्‍टर को गुणा कर दिया जाए. इस आधार पर 7वें वेतन आयोग के तहत बेसिक पे बनती है. रिजर्व बैंक ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 की पहली छमाही में महंगाई दर 4.8 से 4.9 प्रतिशत के बीच रहेगी. वहीं दूसरी छमाही में इसके 4.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इसमें केंद्रीय कर्मचारियों का एचआरए इम्‍पैक्‍ट शामिल है. इस महंगाई दर के और ऊपर जाने का भी अनुमान है. अगर एचआरए इम्‍पैक्‍ट को हटा दें तो महंगाई की दर में 0.1 फीसदी की कमी रहने का अनुमान है.

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वेतन वृद्धि पर मंडरा रहे संकट के बादल

बता दें कि एक तरफ जहां लाखों कर्मचारी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत वेतन में बढ़ोतरी की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वहीं केंद्र सरकार संसद में वेतन बढ़ोतरी की संभावना को पहले भी खारिज कर चुकी है. जीन्यूज.कॉम के अनुसार लोकसभा में वित्‍त राज्‍य मंत्री पी राधाकृष्‍णन ने भी कहा था कि पीएम नरेंद्र मोदी 7वें वेतन आयोग से इतर न्‍यूनतम वेतनमान में किसी बढ़ोतरी के लिए राजी नहीं हैं. हालांकि हमारी सहयोगी वेबसाइट डीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक 2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार इस तरह की घोषणा कर सकती है. बता दें कि केंद्रीय बैंक ने पहले भी कहा था कि 7वें वेतन आयोग को लागू करने से महंगाई दर पर असर पड़ा है. रिवाइज्‍ड एचआरए स्‍ट्रक्‍चर जुलाई 2017 में अमल में आया है.