नई दिल्ली:केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में दो प्रतिशत अतिरिक्त वृद्धि को मंजूरी दे दी है. इस कदम से केंद्र सरकार के 1.1 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा. एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है. डीए और डीआर में वृद्धि से सरकारी खजाने पर सालाना 6,112.20 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा. वित्त वर्ष 2018-19 के आठ महीनों (जुलाई, 2018 से फरवरी, 2019) के दौरान 4,074.80 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा.
यह वृद्धि एक जुलाई, 2018 से लागू होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला किया गया. Also Read - सोनिया गांधी ने पीएम का समर्थन किया, कहा- लॉकडाउन सही लेकिन किसानों-छोटे कारोबारियों को राहत दे सरकार

बयान में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक जुलाई, 2018 से केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की अतिरिक्त किस्त और पेंशनभोगियों को अतिरिक्त राहत जारी करने की मंजूरी दे दी है. यह मूल वेतन-पेंशन पर मौजूदा सात प्रतिशत पर दो प्रतिशत की वृद्धि है. इस बढ़ोतरी से 48.41 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों तथा 62.03 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा. बयान में कहा गया है कि यह वृद्धि स्वीकृत फॉर्मूला पर आधारित है, जो सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है. Also Read - मोदी सरकार का ऐलान, 80 करोड़ लोगों को हर महीने मिलेगा सात किलो राशन

फिलहाल कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 7 फीसदी था जो बढ़कर 9 फीसदी होने गया है. इससे पहले केंद्रीय मंत्रीमंडल ने महंगाई भत्ते में 2 फीसदी की बढ़ोत्तरी की थी. इसी साल मार्च में इसकी घोषणा की गई थी. ये बढ़ी हुई दरें जनवरी से लागू हुई थीं.महंगाई भत्ता या डियरनेस अलाउंस वह अलाउंस होता है, जो सरकारी कर्मचारियों, पब्ल‍िक सेक्टर इम्प्लॉइज और पेंशनरों को दिया जाता है. इसकी गणना कर्मचारी की बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में की जाती है. महंगाई के असर को कम करने के लिए कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिया जाता है.