नई दिल्ली. पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार का हाल ही में लिया गया एक फैसला देश के 23 लाख से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाएगा. सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के तहत देश के करीब 23 लाख रिटायर्ड टीचर और विभिन्न विश्वविद्यालयों के नॉन-टीचिंग स्टाफ को केंद्र सरकार के निर्णय से फायदा होगा. दरअसल केंद्र सरकार ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी और इनके अधीनस्थ कॉलेजों में काम कर चुके सेवानिवृत्त शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मियों की पेंशन को रिवाइज (संशोधित) करने का निर्णय लिया है. 7वें वेतन आयोग की अनुशंसा के आधार पर लिए गए इस फैसले के लागू होने के बाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के करीब 25 हजार मौजूदा पेंशनभोगियों को 6 हजार से 18 हजार रुपए तक का लाभ होगा.

15 लाख नॉन-टीचिंग कर्मियों को लाभ
7वें वेतन आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर लिए गए इस निर्णय का फायदा ऐसे 8 लाख अध्यापक और 15 लाख नॉन-टीचिंग स्टाफ को मिलेगा. ये ऐसे लोग हैं जो राज्य के विश्वविद्यलायों और इनसे संबद्ध कॉलेजों से सेवानिवृत्त हुए हैं. केंद्र सरकार के इस फैसले की जानकारी मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कल अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से दी है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने अपने ट्वीट में लिखा है ‘नरेंद्र मोदी सरकार ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी की रिटायर्ड फैकल्टी और अन्य नॉन टीचिंग स्टाफ की पेंशन 7वें वेतन आयोग के अनुसार रिवाइज की है.’ केंद्रीय मंत्री ने अपने पोस्ट में आगे लिखा है, ‘सरकार के इस निर्णय से 25 हजार मौजूदा पेंशनभोगियों को फायदा होगा. सरकार के इस कदम से 8 लाख टीचिंग और 15 लाख नॉन टीचिंग स्टाफ को भी फायदा होगा.’

कई राज्यों में चल रहा धरना-प्रदर्शन
बता दें कि केंद्र सरकार ने अपने कर्मियों को 7वें वेतन आयोग की अनुशंसा के आधार पर वेतन देने का आदेश जारी कर दिया है. केंद्र की तर्ज पर कई राज्यों की सरकारों ने भी अपने कर्मचारियों की सैलरी 7वें वेतन आयोग की अनुशंसा के आधार पर बढ़ाने का आदेश दे दिया है. इसी महीने की शुरुआत में मिजोरम ने इस वेतन आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर राज्य कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग का लाभ देने का आदेश दे दिया है. लेकिन कई राज्यों में अब भी कर्मचारी संगठन 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. मिजोरम सरकार के निर्णय का लाभ वहां के 42 हजार स्थायी और 34 हजार अन्य कर्मचारियों को मिलेगा. सरकारी कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन वृद्धि का लाभ 1 जनवरी 2016 से मिलेगा.