नई दिल्ली: नया साल आने से पहले ही मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को जबरदस्त तोहफा दिया है. नए नियमों के तहत अब केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाले पुरुष कर्मचारियों को बच्चों की परवरिश के लिए महिलाओं की तरह ही छुट्टी मिल सकेगी. पुरुष कर्मचारियों को अपनी कुल कार्य अवधि में 730 दिनों की चाइल्ड केयर लीव (CCL) मिल सकती है और इस दौरान उन्हें सैलरी भी प्राप्त होगी. इससे पहले यह नियम सिर्फ महिलाओं के लिए ही लागू था.

इससे पहले जो नियम थे, उसके अनुसार महिला सरकारी कर्मचारी एक साल में तीन सीसीएल की हकदार थी. वह दो बच्चों तक के लिए इस सुविधा का लाभ उठा सकती थीं. लेकिन पुरुषों के लिए कोई ऐसी सुविधा नहीं थी.

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‘सिंगल’ पुरुष कर्मचारी को ‘अविवाहित या विधुर या तलाकशुदा सरकारी कर्मचारी’ के रूप में परिभाषित किया जाता था. एकल पुरुष पैरेंट को बच्चों की देखरेख के लिए महिलाओं के साथ इस सेक्शन में रखा गया है. नए नियमों के तहत 730 में से 365 दिनों की छुट्टी के लिए लाभार्थी को 100% वेतन प्राप्त होगा. जबकि अन्य 365 दिनों के लिए 80 फीसदी सैलरी मिलेगी.

CCL के अलावा एक महिला 180 दिनों का पेड मैटरनिटी लीव ले सकती है और पुरुष पिता बनने पर 15 दिनों की छुट्टी ले सकता है, जिसके लिए उसकी सैलरी काटी नहीं जाएगी. हालांकि सरकार ने संगठित क्षेत्रों के लिए मैटरनिटी लीव को 26 सप्ताह बढ़ा दिया है.

DoPT आदेश के अनुसार एक महिला सरकारी कर्मचारी और सिंगल पुरुष सरकारी कर्मचारी को बच्चों की देखरेख के लिए उनकी कुल सेवा अवधि से अधिकतम 730 दिनों की छुट्टी दी जा सकती है. बच्चों की शिक्षा, बीमारी या अन्य के लिए सरकारी कर्मी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं.