7th pay commission: उत्तराखंड की सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ा झटका दिया है. राज्य सरकार ने कर्मचारियों को दिए जाने वाले 15 तरह के भत्ते खत्म करने के आदेश जारी किए हैं. राज्य सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि एक फरवरी 2019 से कर्मचारियों को ये भत्ते नहीं दिए जाएंगे.

इन 15 तरह के भत्तों में स्वास्थ्य कल्याण, आईपीएओ, ट्रेनिंग और डेप्युटेशन जैसे भत्ते शामिल हैं. राज्य की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या ने राज्य सरकार के इस फैसले को अपनी मंजूरी दे दी है. इन भत्तों को खत्म करने का सुझाव उत्तराखंड वित्त आयोग 2016 की तीसरी रिपोर्ट में किया गया था.

ये भत्ते किए गए खत्म
1. स्वैच्छिक परिवार कल्याण भत्ता.
2. प्रतिनियुक्ति भत्ता.
3. प्रशिक्षण भत्ता.
4. जीपीएफ पासबुक रखरखाव के लिए अनुमन्य प्रोत्साहन भत्ता.
5. कैश (रोकड़) भत्ता.
6. द्विभाषी या कम्प्यूटर भत्ता
7. आईपीएओ भत्ता (कोषागार/उपकोषागार)
8. सचिवालय में तैनाती पर विशेष भत्ता.
9. स्नातकोत्तर भत्ता.
10. राजस्व विभाग के संग्रह अमीनों को देय लेखन सामग्री भत्ता.
11. लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत नियोजन/डिजाइन/शोध/प्रशिक्षण अन्वेषणालय हेतु वेतन एवं सहायक प्रतिपूर्ति भत्ता.
12. अपराध अनुसंधान एवं अभिसूचना विभाग में कार्यरत कार्मिकों को अनुमन्य विशेष प्रोत्साहन भत्ता.
13. अवैध खनन निरोधक सतर्कता इकाई में कार्यरत कार्मिकों को अनुमन्य विशेष प्रोत्साहन भत्ता.
14. स्पेशल टास्कफोर्स को अनुमन्य विशेष भत्ता.
15. सतर्कता विभाग में तैनात कर्मियों को अनुमन्य प्रोत्साहन भत्ता.