नई दिल्‍ली: जम्‍मू-कश्‍मीर और उसके आसपास के एयरफोर्स के ठिकनों पर फिदायनी हमले करने के लिए जैश-ए-मोहम्‍मद के 8-10 आतंकवादी सीमा पार से घुस चुके हैं. ये चेतावनी भारतीय खुफिया एजेंसियों ने जारी की है. गवर्नमेंट के शीर्ष सूत्रों ने बताया कि जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकियों का एक मॉड्यूल जम्‍मू-कश्‍मीर और उसके आसपास के इंडियन एयरफोर्स के बेसों को निशाना बनाने के लिएआत्‍मघाती हमले को अंजाम दे सकता है. इंटेलिजेंस एजेंसियों ने येे चेतावनी जारी की है.

शीर्ष सरकारी सूत्रों के मुताबिक, श्रीनगर, अवंतीपोरा, जम्मू, पठानकोट, हिंडन में इंडियन एयरफोर्स ठिकानों को नारंगी स्तर पर उच्च अलर्ट पर रखा गया है. वरिष्ठ अधिकारी खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था 24×7 की समीक्षा कर रहे हैं. एजेंसियों ने जैश के आतंकवादियों की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद अलर्ट जारी कर दिया है.

बता दें कि जम्‍मू-कश्‍मीर में धारा 370 हजाए जाने के बाद से पाकिस्‍तान और वहां के आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं और उनका इरादा कश्‍मीर में अशांति फैलाने का है. फरवरी में बालाकोट एयर स्‍ट्राइक के बाद से भारत और पाकिस्‍तान के बीच कश्‍मीर को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है.

बता दें कि बीते सोमवार 23 सितंबर को आर्मी चीफ बिपिन रावत ने को कहा था कि पाकिस्तान ने हाल ही में बालाकोट को फिर सक्रिय कर दिया है और करीब 500 घुसपैठिए भारत में घुसने की फिराक में हैं. उन्होंने चेन्‍नई में मीडियाकर्मियों से कहा, ”पाकिस्तान ने हाल ही में बालाकोट को फिर सक्रिय कर दिया है. इससे पता चलता है कि बालाकोट प्रभावित हुआ था. वह क्षतिग्रस्त और नष्ट हुआ था. इसलिए लोग वहां से चले गए थे और अब वह फिर से सक्रिय हो गया है. उन्होंने कहा था कि करीब 500 घुसपैठिए भारत में घुसने की फिराक में हैं.