नई दिल्लीः ओडिशा के बालसोर शहर में कल रात उस वक्त भोपाल गैस त्रासदी की यादें ताजा हो गईं जब एक फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव के कारण लगभग 80 कर्मचारी बीमार पड़ गए. बीमार कर्मचारियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया. फैक्ट्री में गैस लीक की जानकारी लगते ही जिलाधिकारी समेंत कई लोग घटना स्थल में पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. डीएम सुदर्शन चक्रवर्ती ने अस्पताल पहुंच कर बीमार कर्मचारियों से मुलाकात की और हर संभव मदद करने का आश्वासन भी दिया.

ओडिशा के बालेश्वर जिले के खांटापाड़ा इलाके में बुधवार शाम झींगा प्रसंस्करण संयंत्र (प्रॉन प्रोसेसिंग प्लांट) से जहरीली गैस रिसने के बाद बीमार पड़े लोगों में ज्यादातर महिला कर्मचारी हैं. पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि घटना रात करीब 8 बजे हुई, जब पानापाना में स्थित संयंत्र से संभवत: अमोनिया गैस लीक हुई . उसके बाद जो लोग उसके प्रभाव में आये उनमें ज्यादातर संयंत्र के कर्मचारी थे और उन्होंने ने सांस लेने में समस्या की शिकायत की.

उन्होंने कहा, “प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संदेह है कि संयंत्र में अमोनिया गैस का रिसाव हुआ. आगे की जांच के बाद ही चीजें स्पष्ट हो पाएंगी.” अधिकारी ने कहा कि प्रभावित लोगों को खांटापाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया जिनमें से 50 लोगों को यहां जिला मुख्यालय अस्पताल में भेज दिया गया.

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बालेश्वर से अग्निशमन विभाग के कर्मी राष्ट्रीय राजमार्ग 16 के निकट घटनास्थल पर पहुंचे. घटनास्थल यहां से करीब 20 किलोमीटर दूर है. चिकित्सकों ने कहा कि हालात नियंत्रण में है और कई प्रभावित लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दी जा रही है. आपको बता दें कि जैसे ही शहरवासियों को इस बात की खबर लगी कि फैक्ट्री में जहरीली गैस का रिसाव हुआ है तो इस घटना ने सभी लोगों को 3 दिसंबर 1984 को भोपाल में हुए गैस कांड की याद दिला दी. बता दें कि भोपाल की इस घटना में लगभग 15000 लोगों की जान चली गई थी.