
Farha Fatima
फ़रहा फ़ातिमा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन के बाद पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2015 में LIVE India में इंटर्नशिप से की. प्रारंभिक दौर में ही उन्होंने जामिया ... और पढ़ें
सोशल मीडिया और न्यूज पोर्टल्स पर एक ऐसी कहानी वायरल हो रही है, जो मौत के रहस्य को चुनौती देती नजर आ रही है. अमेरिका की 80 वर्षीय नॉर्मा एडवर्ड्स (Norma Edwards) नाम की एक आध्यात्मिक चिकित्सक और लाइफ कोच ने दावा किया है कि उनकी तीन बार क्लिनिकली मौत हो चुकी है… यानी हृदय गति रुकने और फ्लैटलाइन पर पहुंचने के बावजूद वे वापस लौट आईं. इनमें से दो बार वे ‘दूसरी दुनिया’ में पहुंच गईं, जहां उन्होंने अपनी जिंदगी का ‘रिव्यू’ देखा. यह कहानी नवंबर 2024 में उनके तीसरे Near-Death Experience के बाद सामने आई. आइए जानते हैं कब कब मौत हुई.
नॉर्मा की पहली मौत का अनुभव उनके 20 के दशक में हुआ, जब उन्हें ब्रेन ट्रॉमा हो गया. डॉक्टरों के मुताबिक, उनके शरीर में एक ‘डेड फीटस’ फंस गया था, जो उनके शरीर को जहर फैला रहा था. हृदय रुकने पर वे क्लिनिकली मृत घोषित हो गईं. लेकिन नॉर्मा बताती हैं कि उनकी आत्मा शरीर से अलग हो गई और वे एक विशाल ‘स्क्रीन’ के सामने पहुंच गईं. जो पृथ्वी पर बनी किसी भी टीवी से कहीं बड़ा था.क्या दिखा?
स्क्रीन पर तीन कॉलम थे:
प्लान्ड लाइफ: जन्म से पहले उन्होंने जो जीवन चुना था (आध्यात्मिक विकास, दूसरों की मदद).
एक्चुअल लाइफ: जो उन्होंने वास्तव में जिया.
रिजल्ट: हर बार नतीजा एक ही था-‘Objective not accomplished’ (लक्ष्य हासिल नहीं हुआ).
वे कहती हैं कि यह ‘लाइफ रिव्यू’ इतना विस्तृत था कि हर पल, हर फैसला स्क्रॉल हो रहा था. फिर ‘अदृश्य प्राणी’ ने उन्हें संदेश दिया: “लाइफ इटरनल है, लेकिन फियर (डर) से बाहर निकलो. अपनी मिशन पूरी करो, लोगों को जागृत करो, उनकी फ्रीक्वेंसी बढ़ाओ.” तुरंत ही वे वापस शरीर में लौट आईं. इस अनुभव ने उनकी जिंदगी बदल दी; वे आध्यात्मिक थेरेपिस्ट बनीं.
दूसरी घटना उनके 40 के दशक में हुई, जब एक और मेडिकल इमरजेंसी में उनका हृदय रुक गया. फिर वही ‘टनेल’ और ‘पुल’ महसूस हुआ. वे बताती हैं कि वे एक ‘फीमेल प्रेजेंस’ (महिला आकृति, शायद फरिश्ता) से मिलीं, जो पानी में खड़ी थीं. नॉर्मा आगे बढ़ीं, लेकिन स्पर्श करने से पहले ही उन्हें रोक दिया गया. संदेश वही था- “तुम्हारा मिशन आधा ही पूरा हुआ है. डर में फंसे लोग जागें, रीबर्थ हों.” वे कहती हैं, “यह जगह इतनी शांतिपूर्ण थी कि डर नामुमकिन था. समय जैसा कुछ नहीं- 50 साल और 10 मिनट एक साथ.”
सबसे हालिया घटना नवंबर 2024 में मेरिलैंड (Maryland) के उनके घर पर हुई. सुबह कार्डियक अरेस्ट के दौरान वे तीन बार फ्लैटलाइन पर पहुंचीं. पहली दो बार डॉक्टरों ने उन्हें रिवाइव किया, लेकिन तीसरी बार वे ‘स्वर्ग के करीब’ पहुंच गईं. फिर वही स्क्रीन दिखी, लेकिन इस बार रिजल्ट ज्यादा सख्त था: “स्टक इन फियर- अभी भी असफल.” एक महिला आकृति ने उनका हाथ थामा, लेकिन कहा, “सॉरी, वे तुम्हें जाने नहीं दे रहे. वापस जाओ, संदेश फैलाओ.” नॉर्मा को लगा जैसे वे ‘हेवन’ के द्वार पर थीं, लेकिन उन्हें धक्का देकर वापस भेज दिया गया.
डॉक्टरों ने बताया कि यह चमत्कार था- तीन बार रिवाइव होना दुर्लभ है. नॉर्मा अब 80 साल की हैं और कहती हैं, “मौत अंत नहीं, बल्कि एक दरवाजा है. मैंने देखा गॉड रियल है, लाइफ एटरनल है.
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