बेंगलुरु: सीनियर कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सी. के. जाफर शरीफ का दिल का दौरा पड़ने से रविवार की सुबह एक स्थानीय अस्पताल में निधन हो गया. शरीफ 85 साल के थे. डॉक्टरों ने यह जानकारी दी. शरीफ जुमे की नमाज के वास्ते जाने के लिए अपनी कार में सवार होने के दौरान गिर गए थे. इसके बाद उन्हें यहां के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. शरीफ बेंगलूर उत्तरी सीट से सात बार लोकसभा सदस्य चुने गए. पी.वी. नरसिंह राव सरकार में वह 1991 से 1995 तक रेल मंत्री भी रहे. Also Read - रामायण के 'सुग्रीव' श्याम सुंदर का निधन, अरुण गोविल ने ट्वीट कर जताया शोक

शरीफ के परिवार के सूत्रों ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे. उनके परिवार में दो बेटियां हैं. अस्पताल सूत्रों ने बताया कि हृदय गति रुक जाने के कारण शरीफ की मृत्यु हुई.

सभी समुदायों के साथ एक व्यापक संपर्क
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने एक ट्वीट में कहा, ”कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में एक, कई बार सांसद रहे और भारत के सबसे सफल रेल मंत्री, कर्नाटक के अपने बेटे सी के जाफर शरीफ का निधन हो गया. एक ऐसा राष्ट्रीय नेता जिनका सभी समुदायों के साथ एक व्यापक संपर्क था. एक सच्चे धर्म निरपेक्ष नेता. मेरी श्रद्धांजलि.”

अाधी सदी का राजनीतिक करियर
कांग्रेस विधायक और शरीफ के पारिवारिक मित्र एन.ए. हारिस ने बताया कि डॉक्टरों ने रविवार को उनके हृदय में पेसमेकर लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन ऑपरेशन की मेज पर लाए जाने से पहले ही उनका निधन हो गया. तीन नवंबर 1933 को चित्रदुर्ग के चल्लाकेरे में जन्मे शरीफ का राजनीतिक करियर करीब 50 साल का रहा.

 इंद‍िरा से लेकर नरसिंह केे करीबी रहेे
कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एस निजलिंगप्पा की छत्रछाया में अपने करियर की शुरुआत करने वाले शरीफ कांग्रेस में टूट के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ चले गए. शरीफ बेंगलूर उत्तरी सीट से सात बार लोकसभा सदस्य चुने गए. पी वी नरसिंह राव सरकार में वह 1991 से 1995 तक रेल मंत्री भी रहे.

देवगौड़ा के काफी करीब थे
अस्पताल का दौरा करने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कहा कि शरीफ उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा के काफी करीब थे.

कई रेल परियोजनाएं दी कर्नाटक को दीं 
कुमारस्वामी ने कहा, ”जाफर शरीफ अल्पसंख्यक समुदाय तक सीमित नहीं थे, बल्कि राज्य के हर नागरिक के नेता के तौर पर उभरे थे. वह महान नेता थे, जिन्होंने राज्य को केंद्र सरकार की कई योजनाएं, खासकर रेल परियोजनाएं दी.”

राहुल गांधी ने शोक व्यक्त किया
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शरीफ के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने ट्वीट किया, ”यह कांग्रेस पार्टी के लिए दुख का दिन है. एक अन्य वरिष्ठ, प्रिय और कर्नाटक में हमारे परिवार के सम्मानित सदस्य श्री जाफर शरीफ जी का आज निधन हो गया. दुख की इस घड़ी में उनके परिवार, मित्रों एवं समर्थकों को मेरी संवेदनाएं.”

हर वर्ग के प्रभावी प्रतिनिधित्व में सक्षम थे
पूर्व विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने शरीफ के साथ अपने संबंधों को याद करते हुए कहा, ”वह बहुत दूरदर्शी और समाज के हर वर्ग के प्रभावी प्रतिनिधित्व में सक्षम थे.”

संघ के कई पदाधिकारियों से अच्छा परिचय
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी शरीफ के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि संघ के कई पदाधिकारियों से उनका अच्छा परिचय था और वह सामाजिक मुद्दों के समर्थन में रहते थे.