हैदराबाद: तेलंगाना में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस का संकट रविवार को और बढ़ गया, जब पार्टी के एक और विधायक ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) में शामिल होने का निर्णय ले लिया. वनामा वेंकटेश्वरा राव ने मुख्यमंत्री और टीआरएस अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव से मुलाकात के बाद घोषणा की कि वह सत्ताधारी पार्टी में शामिल हो रहे हैं. वनामा राव विधानसभा में कोठागुडम सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं और वह इस महीने कांग्रेस छोड़कर टीआरएस में शामिल होने वाले आठवें विधायक हैं. इसके साथ ही 119 सदस्यीय विधानसभा में विपक्षी पार्टी के सदस्यों की संख्या घटकर 11 पर आ गई है. कांग्रेस ने 7 दिसंबर को हुए विधानसभा चुनाव में 19 सीटें जीती थी.

इसके साथ ही कांग्रेस विधानसभा में मुख्य विपक्ष का दर्जा खो सकती है, क्योंकि इसके लिए सदन में सदस्यों की संख्या का कम से कम 10 प्रतिशत होनी चाहिए.
खबर है कि चार और विधायक टीआरएस के संपर्क में हैं, लिहाजा पार्टी छोड़ चुके विधायक विधानसभा अध्यक्ष से संपर्क कर इसे कांग्रेस विधायक दल का टीआरएस के साथ विलय के रूप में मान्यता देने का आग्रह कर सकते हैं.

यदि किसी पार्टी के दो-तिहाई विधायक पार्टी छोड़ते हैं, तो उन्हें दलबदल कानून के तहत अयोग्य नहीं करार दिया जा सकता, बल्कि उन्हें एक अलग समूह के रूप में मान्यता दी जा सकती है. लगभग हर दिन एक विधायक के पार्टी छोड़ने से राज्य में 11 अप्रैल को होने वाले लोकसभा चुनाव के मतदान से पहले कांग्रेस पूरी तरह निराश दिखने लगी है.

कांग्रेस ने टीआरएस पर आरोप लगाया है कि उसने विपक्ष को खत्म करने की साजिश रची है. कांग्रेस विधायक दल के नेता मालू भट्टी विक्रमार्का ने टीआरएस सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि यह राज्य को अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक तरीके से चला रही है. पार्टी ने सोमवार को राज्यपाल ई.एस.एल. नरसिम्हन से मुलाकात कर इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपने की योजना बनाई है.