8th Pay Commission:केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के लिए संदर्भ शर्तों (टीओआर) को मंज़ूरी दे दी. इस फैसले के बाद केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और भत्तों में नए सिरे से संशोधन का रास्ता साफ हो गया.
कब से लागू होने की उम्मीद
वेतन आयोग की सिफ़ारिशें 1 जनवरी, 2026 से लागू होने की उम्मीद है, जिससे लाखों कर्मचारियों के वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है.
कितनी बढ़ सकती है सैलरी
8वें वेतन आयोग ने अभी तक आधिकारिक स्लैब जारी नहीं किए हैं, लेकिन 2.86 के संभावित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर वेतन में 19,000 रुपये प्रति माह तक की वृद्धि हो सकती है.
कितने कर्मचारियों को होगा फायदा
आधिकारिक अनुमान के अनुसार, इस कदम से देश भर में लगभग 50 लाख सेवारत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा. बात दें कि जनवरी में, कैबिनेट ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंज़ूरी दी थी.
क्या बोले अश्विनी वैष्णव
मंगलवार को कैबिनेट ब्रीफिंग में निर्णयों की घोषणा करते हुए, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों और संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र के कर्मचारी पक्ष के साथ परामर्श के बाद कार्य-दर-नियम (ToR) को अंतिम रूप दिया गया है. आयोग 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें देगा.
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सातवें वेतन आयोग में कितनी बढ़ी थी सैलरी
सातवें वेतन आयोग (2016 में लागू) ने 2.57 फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल किया था, जिसके परिणामस्वरूप 157% की बढ़ोतरी हुई और न्यूनतम मूल वेतन 7,000 से बढ़कर 18,000 रुपयेहो गया. यदि यही फैक्टर फिर से लागू किया जाए, तो न्यूनतम वेतन 18,000 से बढ़कर 46,260 रुपयेप्रति माह हो सकता है, जबकि न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये से बढ़कर 23,130 रुपये हो सकती है.
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