नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में पांच से 13 जनवरी के बीच आयोजित होने वाले 27वें नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में इस बार ‘दिव्यांगजनों’ पर खास तवज्जो दी जाएगी. इसके अलावा महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मद्देनजर मेले में विशिष्ट आयोजन भी किया जाएगा. राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) की ओर से हर साल दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला 9 दिवसीय पुस्तक मेले को बीते सालों की तुलना में अपेक्षाकृत काफी कम जगह मिली है. वहीं पुस्तक प्रेमियों को आकर्षित करने के लिए इस दफा मेले में टिकटों की दरों में कमी भी की गई है. मेले के टिकट मेट्रो स्टेशनों के अलावा ऑनलाइन भी उपलब्ध होंगे. एनबीटी के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा ने गुरुवार को मीडियाकर्मियों को बताया, ”27वें पुस्तक मेले में इस बार संयुक्त अरब अमीरात का सदस्य शारजाह भागीदार के रूप में हिस्सा ले रहा है.”

शर्मा ने बताया, मेले का उद्घाटन 5 जनवरी को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर करेंगे. इस मौके पर शारजाह के राजकीय संबंध विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष एवं वहां के शाही परिवार के सदस्य शेख फहीम बिन सुल्तान अल कासिमी मुख्य अतिथि होंगे, जबकि शारजाह पुस्तक प्राधिकरण के अध्यक्ष अहमद बिन रक्काद अल आमरी अतिथि होंगे.

शर्मा ने बताया, इस मेले की थीम ‘दिव्यांगजनों की पठन आवश्यकताएं’ रखी गई है. थीम ऐसे विषय पर रखी जाती है, जिससे सामाजिक जागरुकता फैलाई जा सके. इससे पहले पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण और भारत की सांस्कृतिक विरासत जैसे विषयों को मेले की थीम बनाया गया था. उन्होंने कहा, ”थीम के अनुरूप हॉल संख्या सात में विशेष मंडप निर्माण किया गया है जिसमें, संकेत भाषा के दुभाषिए होंगे. यहां ब्रेल पुस्तकें, स्पर्शनीय पुस्तकें, मूक पुस्तकें, ऑडियो पुस्तकें होंगी.” उन्होंने कहा कि मेले के उद्घाटन के बाद अंत में, संकेत भाषा में राष्ट्रगान प्रस्तुत किया जाएगा.

शर्मा के मुताबिक, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की150वीं जयंती के अवसर पर भी एक अलग मंडप बनाया गया है, ताकि राष्ट्रपिता से संबंधित पुस्तकों का वहां प्रदर्शन हो सके. इस संबंध में, एनबीटी द्वारा प्रकाशित की गई महात्मा गांधी एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में उनके सहयोगियों पर आधारित पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी.

शर्मा ने बताया कि मेले में अबूधाबी, कनाडा, चीन, मिस्र, फ्रांस, जर्मनी, केन्या, ईरान,जापान, इटली, मेक्सिको, पाकिस्तान, पोलैंड, सऊदी अरब, सिंगापुर, स्पेन, श्रीलंका, अमेरिका समेत 20 से अधिक देश तथा यूनेस्को जैसे अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थान हिस्सा ले रहे हैं.

एनबीटी प्रमुख ने कहा, प्रगति मैदान में निर्माण कार्य चलने के कारण बीते सालों की तुलना में इस बार मेला अपेक्षाकृत एक तिहाई कम जगह पर आयोजित हो रहा है फिर भी मेले में देशभर से 600 से ज्यादा प्रकाशक आएं हैं. उन्होंने कहा कि मेले में तीन गेटों– गेट संख्या एक, आठ और 10 से प्रवेश किया जा सकता है.

भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) के कार्यकारी निदेशक दीपक कुमार ने बताया कि मेले में 14 साल से कम उम्र के स्कूली छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रवेश नि:शुल्क है जबकि टिकट की दर 10 और 20 रुपए रखी गई है. टिकट 50 मेट्रो स्टेशनों के अलावा, ऑनलाइन भी उपलब्ध है. उन्होंने बताया कि हमने टिकट के लिए ‘बुक माई शो’ से करार किया है. वहां से भी टिकट खरीदा जा सकता है. उन्होंने कहा कि गेट संख्या एक पर पार्किंग सुविधा है. वहां अपनी गाड़ी खड़ी करने के बाद बसों से मेले में आया जा सकता है.