नई दिल्‍ली: राष्ट्रीय प्रवेश एवं पात्रता परीक्षा (नीट) में खराब प्रदर्शन के भय से तमिलनाडु (Tamil Nadu) के मदुराई (Madurai) मेें 19 साल की एक परीक्षार्थी ने पर आत्महत्या कर ली. कल यानि रविवार को होने वाली NEET परीक्षा से पहले आज शनिवार को एक छात्रा ने महज इसलिए जान दे कि अगर उसे इसमें सफलता नहीं मिली तो वह हर किसी को निराश कर देगी. ये बात इस छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखी है. पुलिस ने बताया कि मृतका की पहचान जोतिश्री दुर्गा के रूप में की गई है और वह अपने घर में लटकी हुई पाई गई. बता दें कि NEET(UG) exam कल यानि रविवार को होना है. Also Read - चीन से कोरोना वायरस संक्रमण फैलने की बात को कभी नहीं भूलूंगा: डोनाल्‍ड ट्रंप

बता दें कि इस घटना से कुछ दिन पहले राज्य के अरियालुर में एक अन्य परीक्षार्थी ने आत्महत्या कर ली थी. Also Read - WHO On Covid-19: कोरोना वायरस को लेकर WHO ने फिर जारी की चेतावनी, 'अब भी नहीं संभले तो...'

पुलिस ने कहा कि शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें मृतका ने लिखा कि उसे परीक्षा में अपने खराब प्रदर्शन का डर था. जानकारी के मुताबिक,  NEET-aspirant ने आज मदुराई में आत्‍महत्‍या कर ली है. अपनी मौत के पीछे एक सुसाइड छोड़ गई है. उसने इसमें लिखा है, मैं वास्‍तव में अच्‍छी तरह से तैयारी की है, लेकिन मुझे भय है कि यदि मुझे सीट नहीं मिली तो मैं हर किसी को निराश करूंगी. आईएम सॉरी. Also Read - Coronavirus in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के 2,942 नए मामले, संक्रमितों की कुल संख्या 1 लाख के करीब

बता दें क‍ि मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी और उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम द्वारा घटना पर शोक प्रकट किए जाने के बावजूद तमिलनाडु नीट परीक्षा कराए जाने का विरोध करने वाली विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर निशाना साधा था. द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने कहा कि नीट ”कोई परीक्षा ही नहीं है.”

छात्रा की आत्‍महत्‍या की सूचना के मिलते ही पुलिस घटनास्‍थल में पहुंच गई हैं और मामले की जांच कर रही है.

मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी और उप मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम द्वारा घटना पर शोक प्रकट किए जाने के बावजूद तमिलनाडु नीट परीक्षा कराए जाने का विरोध करने वाली विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर निशाना साधा था. द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने कहा कि नीट ”कोई परीक्षा ही नहीं है.”

घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पलानीस्वामी ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि छात्रों के पास सफलता अर्जित करने के लिए बहुत से अवसर हैं और उनके द्वारा इस प्रकार के कदम उठाना हृदय विदारक है. उन्होंने कहा, ”यह देखना दुखद है कि जो छात्र भविष्य की उम्मीद हैं वह ऐसे कदम उठा रहे हैं.” पन्नीरसेल्वम ने अपने एक ट्वीट में कहा कि इस प्रकार की घटनाएं दुखद हैं और छात्र ”भविष्य का आधार हैं.”

तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता स्टालिन ने ट्वीट किया, ”अनीता (2017 में आत्महत्या करने वाली छात्रा) से लेकर जोतिश्री दुर्गा तक की मौत से हमें यह समझ में आ जाना चाहिए कि नीट छात्रों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है.” उन्होंने कहा, मैं दोबारा कहता हूं कि आत्महत्या समाधान नहीं है. नीट कोई परीक्षा ही नहीं है”

बता दें कि छात्रों के बीच आत्‍महत्‍याओं के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. इस छात्रा ने अपनी जान महज सामाजिक या पारिवारिकअपेक्षाओं के दबाव को बर्दाश्‍त नहीं कर पाने की वजह से जान दे दी. आज जरूरत है कि छात्रों पर जिम्‍मेदारी और अपेक्षाओं का बोझ इतना न डाला जाए कि वे अपनी जान दे दें.