नई दिल्ली: देश की राजधानी के दक्षिण दिल्ली में कोविड-19 के मरीजों के लिए प्रस्तावित 10,000 बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल प्रस्‍तावित है. यह प्रस्तावित कोविड-19 केंद्र दिल्ली-हरियाणा सीमा पर आध्यात्मिक संगठन राधा स्वामी सत्संग ब्यास के परिसर में टेंट से संचालित होगा. Also Read - Lockdown Extended: गुवाहाटी में बढ़ाई गई लॉकडाउन की अवधि, अब 19 जुलाई तक चलेगी तालाबंदी

खास बातें
– यह कोविड-19 केंद्र 1700 फुट लंबा और 700 फुट चौड़ा होगा
– 50-50 बिस्तरों वाले 200 क्षेत्र होंगे
– यह अस्थायी अस्पताल शहर में अब तक का ऐसा सबसे बड़ा केंद्र होगा
– जून के अंत तक इसका काम पूरा हो जाने की उम्मीद है
– धातु के टेंट में बिजली और पंखे पहले से लगे हुए हैं
– गर्मी को देखते हुए कूलरों की जरूरत होगी
– परिसर में बनी इमारत में चिकित्साकर्मियों के रहने का इंतजाम भी किया जा सकता है
– परिसर में करीब 500 शौचालय है, जो 10,000 कोविड-19 मरीजों के लिये पर्याप्त हैं
– 50 बिस्तरों वाले प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक डॉक्टर, दो नर्स और एक सफाईकर्मी की जरूरत होगी
– आध्यात्मिक संगठन ने दो-तीन दिन पहले अस्थायी अस्पताल बनाने के लिए परिसर के इस्तेमाल की अनुमति दी है
– आध्यात्मिक संगठन एक बड़ी रसोई का संचालन भी करता है, जहां से एक लाख लोगों को एक समय में खाना उपलब्ध कराया जा सकता है. Also Read - COVID 19 के हालात पर पीएम नरेंद्र मोदी ने की बैठक, बोले- हर राज्य को अपनाना चाहिए दिल्ली मॉडल

दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने रविवार को दक्षिण दिल्ली में कोविड-19 मरीजों के लिए  प्रस्तावित 10,000 बिस्तरों वाले अस्थायी अस्पताल की जगह का निरीक्षण किया. एक अधिकारी ने कहा कि उप-राज्यपाल, दक्षिण दिल्ली के जिलाधिकारी बी एम मिश्रा समेत अधिकारियों के एक दल के साथ वहां पहुंचे और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया.

कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए प्रशासन स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े आधारभूत ढांचे को और बढ़ाएगा और अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्थायी अस्पताल को यथाशीघ्र तैयार किया जाए.

दिल्ली सरकार के अनुमान के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में जुलाई के अंत तक कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों के पांच लाख के पार पहुंच जाने की संभावना है. ऐसे में कोविड-19 मरीजों के लिए करीब एक लाख बिस्तरों की आवश्यकता होगी.

दिल्ली सरकार ने उन समुदायिक भवनों और स्टेडियमों की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिन्हें अस्थायी कोविड-19 अस्पतालों में बदला जा सकता है.

बता दें कि दिल्ली सरकार के अनुमान के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी में जुलाई के अंत तक कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों के 5 लाख के पार पहुंच जाने की संभावना है. ऐसे में कोविड-19 मरीजों के लिए करीब एक लाख बिस्तरों की आवश्यकता होगी. शहर में सरकारी, केंद्रीय और निजी अस्पतालों के मिलाकर 9,816 बिस्तर कोविड-19 मरीजों के लिये समर्पित हैं, जिनमें से 5,399 अभी भरे हुए हैं.