इंदौर: बजरंग दल की गुंडागर्दी का एक और मामला सामने आया है. आरोप है कि बजरंग दल के कार्यकताओं ने इंदौर की सीमा से सटे देवास बायपास स्थित क्षिप्रा टोल नाके के कर्मचारियों के साथ मारपीट और तोड़-फोड़ की. इस हमले में 4-5 कर्मचारी घायल हो गए. पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई. पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौते का हवाला देते हुए घटना को लेकर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है.


क्षिप्रा पुलिस थाने की प्रभारी मीना कर्णावत ने बताया कि इंदौर देवास टोल नाके पर बजरंग दल के करीब 10 कार्यकर्ताओं और टोल नाके के इतने ही कर्मचारियों के बीच रविवार को विवाद के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे थे. लेकिन बाद में दोनों पक्षों ने पुलिस को लिखकर दिया कि उनके बीच समझौता हो गया है और वह एक दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराना चाहते हैं.

टोल कर्मचारियों का आरोप है कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने टोल टैक्स मांगे जाने पर उनसे विवाद करते हुए उन्हें पीटा और कुछ टोल बूथों में तोड़.फोड़ की. यह घटनाक्रम टोल नाके पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया.

उधर, बजरंग दल के संभाग संयोजक सचिन बघेल ने आरोप लगाया कि टोल नाके के कर्मचारियों ने 20 मई की शाम टोल वसूली के दौरान कुछ स्कूल शिक्षिकाओं से बदतमीजी की, जो एक चारपहिया गाड़ी में सवार होकर टोल नाके से गुजर रही थीं. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि टोल कर्मचारियों ने स्कूल शिक्षिकाओं की गाड़ी पर पथराव किया.

उन्होंने कहा, बजरंग दल के कार्यकर्ता शिक्षिकाओं से बदतमीजी के मामले में जब कल कुछ ग्रामीणों के साथ टोल कर्मचारियों से बात करने पहुंचे, तो उन्होंने विवाद शुरू कर दिया. हालांकि, अब दोनों पक्षों में समझौते के बाद मामला समाप्त हो गया है.