गुवाहाटी: असम पुलिस भर्ती परीक्षा के पर्चा लीक मामले में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लंबी पूछताछ के बाद पुलिस अधीक्षक कुमार संजीत कृष्णा को गुरुवार को हिरासत में ले लिया गया. एसपी कृष्णा राज्य के मुख्य सचिव के भाई हैं. Also Read - Video: बोर न हों कोरोना के मरीज, पीपीई किट में डॉक्टर ने 'घुंघरू' गाने पर किया जबरदस्त डांस

एक अधिकारी ने बताया कि कृष्णा पूर्वाह्र लगभग 11 बजे उलुबरी क्षेत्र में राज्य पुलिस मुख्यालय पहुंचे और असम पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने उनसे कई घंटे पूछताछ की. Also Read - हिंसक झड़प के बाद असम और मिजोरम के मुख्यमंत्रियों ने की फोन पर बात, केंद्र ने बुलाई आपात बैठक

उन्होंने बताया कि शाम लगभग छह बजे अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के अधिकारी उन्हें अपने मुख्यालय ले गए, जो उसी क्षेत्र में असम पुलिस मुख्य कार्यालय से लगभग 200 मीटर दूर है. Also Read - असम में बंद होंगे मदरसे और संस्कृत केन्द्र, नवंबर में जारी की जाएगी अधिसूचना

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ”उन्हें हिरासत में ले लिया गया. अब उन्हें चिकित्सा जांच के लिए ले जाया गया है.”
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से सोमवार और मंगलवार को कई घंटों तक पूछताछ की गई थी.

अधिकारी ने बताया कि कृष्णा करीमगंज जिले के पुलिस अधीक्षक थे, जहां अन्य आरोपियों की मौजूदगी में उनके आवास पर उनके इशारे पर प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक किया गया था. इनमें से कुछ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.

पेपर लीक होने के मामले में अब तक सेवानिवृत्त असम पुलिस डीआईजी पीके दत्ता सहित 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 20 सितंबर को असम पुलिस उप-निरीक्षक के 597 पदों के लिए लिखित परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हो गया था और राज्य स्तरीय पुलिस भर्ती बोर्ड (एसएलपीआरबी) ने परीक्षा शुरू होने के कुछ मिनट बाद इसे रद्द कर दिया था.

एसपी कृष्णा बड़े भाई असम के मुख्य सचिव हैं. बीते 13 अक्‍टूबर कोछोटे भाई कुमार संजीत कृष्ण का इस मामले में नाम पर आने पर मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्ण ने मंगलवार को कहा था कि कानून अपना काम करेगा. मुख्य सचिव ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उनका नाम किन्हीं उद्देश्यों के साथ इस विवाद में घसीटा जा रहा है.

चीफ सेक्रेट्री ने कहा, ”मेरा भाई एक स्वतंत्र व्यक्ति है जो एक अलग पेशे में है. अगर उसने कुछ गलत किया है, तो कानून सबूतों के आधार पर अपना काम करेगा.” उन्होंने कहा, ”मुख्य सचिव के रूप में, मैं शुरू से ही मुख्यमंत्री द्वारा निर्देशित एक स्वतंत्र और तटस्थ जांच का समर्थन कर रहा हूं और मुझे विश्वास है कि जो भी दोषी होगा उसे सजा मिलेगी.”