नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस के चलते लागू लॉकडॉउन के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्‍ली से दूसरी श्रमिक स्पेशन ट्रेन शुक्रवार को 1200 फंसे हुए मजदूरों के साथ बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हुई. वहीं, दिल्‍ली सरकार ने कहा है कि वह प्रवासी मजदूरों का किराया वहन करेगी. Also Read - यूपी के प्रतापगढ़ में ट्रक- स्कार्पियो के बीच भयंकर भिड़ंत, बिहार के 9 लोगों की मौत

श्रमिकों को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बस से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन ले जाया गया और कुछ श्रमिकों को महानगर की सरकार द्वारा संचालित आश्रय घरों से पुलिस के वाहनों में ले जाया गया. Also Read - Indian Railway News: अब दिल्ली से नहीं चलेंगी श्रमिक स्पेशल ट्रेनें, जानें क्या है वजह

अधिकारियों ने बताया कि प्रवासी श्रमिकों को सफलतापूर्वक उनके घरों तक पहुंचाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के करीब 350 कर्मी, राज्य सरकार के 100 कर्मचारी और रेलवे के करीब 200 कर्मचारी एक-दूसरे से समन्वय कर रहे हैं. Also Read - दिल्ली से अमृतसर का सफर मात्र 4 घंटे में होगा पूरा, सिखों के इन प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा सड़क मार्ग

ट्रेन में 24 कोच हैं और हर कोच में करीब 50 यात्री हैं. कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए तय प्रोटोकॉल का पालन करने में रेलगाड़ी करीब आधे घंटे विलंब से चली. स्टेशन पर रेलवे के अधिकारियों ओर पुलिस ने सुनिश्चित किया कि यात्री सामाजिक दूरी का कड़ाई से पालन करें.

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने ट्वीट किया, ”दूसरी श्रमिक स्पेशल ट्रेन दिल्ली से मुजफ्फरपुर रवाना हुई. इस रेलगाड़ी में 1200 यात्री हैं.’’

श्रम मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सभी यात्रियों का किराया दिल्ली सरकार उठाएगी. यात्रियों के पहले जत्थे को गुरुवार को दिल्ली से मध्यप्रदेश के छत्तरपुर ले जाया गया था. आगामी दिनों में दिल्ली से कई राज्यों के लिए और श्रमिक स्पेशन रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी.