नई दिल्ली। देशभर में पेट्रोल-डीजल के दामों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध तेज होता जा रहा है. लोग अलग अलग अंदाज में दाम बढ़ाए जाने का विरोध कर रहे हैं. तेल के दामों में बढ़ोतरी ने विपक्षी दलों को विरोध का बड़ा हथियार थमा दिया है. आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के नादिगामा गांव में टीडीपी कार्यकर्ताओं ने विरोध करने का अनोखा तरीका अपनाया. दाम बढ़ोतरी के विरोध में यहां एक कार्यकर्ता ने अपने स्कूटर को आग के हवाले कर दिया. इस दौरान दूसरे कार्यकर्ता हाथों में पोस्टर लिए खड़े थे. Also Read - तेल की कीमतों को लेकर राहुल और प्रियंका ने केंद्र से पूछा- किसके लिए सूटकेस में इकट्ठा हो रहा पैसा..?

चुनाव खत्म होते ही नौवीं बार बढ़े दाम

बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव खत्म होते ही कंपनियों पेट्रोल-डीजल के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी शुरू कर दी है. आज भी तेल के दामों में बढ़ोतरी की गई है. चुनाव के बाद लगातार नौवीं बार तेल के दाम बढ़ाए गए हैं. इसका असर भी दिखने लगा है और लोग इसे लेकर अपना विरोध जता रहे हैं.

सरकार की सफाई

सरकार का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती मांग के चलते पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी हुई है. कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है. हालांकि साल 2013-14 में यह 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था. दूसरी तरफ इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल महंगा होने और भारतीय रुपये में कमजोरी से पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं.

पिछले कुछ समय से पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. पिछले साल जून में पेट्रोल की कीमत 66.91 रुपये और डीजल की कीमत 55.94 रुपये थी. तब से अब तक पेट्रोल की कीमत में 6.82 रुपये और डीजल के दाम में 8.75 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल की कीमतें अभी और बढ़ेंगी. कर्नाटक चुनाव के चलते 19 दिनों तक तेल कीमतों में बदलाव नहीं किया गया था जिससे कंपनियों को काफी नुकसान हुआ है. इसकी भरपाई के लिए कंपनियों को दाम बढ़ाने होंगे.